{"_id":"5f87e242ec99de5c8e64da00","slug":"global-hand-washing-day-experts-spoke-hands-should-be-washed-with-soap-before-eating","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"ग्लोबल हैंड वाशिंग डे: विशेषज्ञ बोले, फिर से संस्कारों में डालनी होगी हाथ धोने की आदत, जानें- कब-कब है जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्लोबल हैंड वाशिंग डे: विशेषज्ञ बोले, फिर से संस्कारों में डालनी होगी हाथ धोने की आदत, जानें- कब-कब है जरूरी
Thu, 15 Oct 2020 11:16 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 15 Oct 2020 11:16 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
पहले न तो ग्लोबल हैंड वाॅशिंग डे मनाया जाता था और न ही कभी इसकी जरूरत पड़ी। दरअसल बचपन से ही बच्चों में हाथ धोकर खाना खाने का संस्कार दिया जाता था। धीरे-धीरे लोगों ने इसे भुला दिया। नतीजा, हाथ धोने के फायदों को बताने के लिए विश्व भर में अभियान चलाने की जरूरत आ गई। आज जब पूरा देश कोविड-19 महामारी से जूझ रहा है तो लोगों को फिर से हाथ धोने की अहमियत का पता चला। कहा गया कि जिस संक्रमण से बचने का सबसे अहम और कारगर उपाय है हाथों को बार-बार धोना।
Trending Videos
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विशेषज्ञों ने जोर दिया कि सिर्फ 20 सेकंड तक ठीक से हाथ धोकर हम बड़ी से बड़ी महामारी के संक्रमण को फैलने से रोक सकते हैं। 15 अक्तूबर को पूरे विश्व में एक बार फिर ग्लोबल हैंड वाॅशिंग डे मनाते हुए सभी के लिए स्वच्छ हाथ का संदेश दिया जा रहा है। इस मौके पर हमने बात की विशेषज्ञों से, आप भी उनकी सलाह को ध्यान रखें और संकल्प लें कि हाथ धोने की आदत को अपने संस्कारों का हिस्सा फिर से बनाएंगे और कोरोना को भगाएंगे।
डॉ कमल सवलानी
- फोटो : अमर उजाला
केजीएमयू के मेडिसिन विभाग के डॉ. कमल सवलानी कहते हैं कि सैनिटाइजर एक विकल्प है, लेकिन इसे अंतिम विकल्प न मानिए। खाने से पहले हाथ सैनिटाइज करने बजाय हमें साबुन से ही हाथ धोना चाहिए। दूसरी महत्वपूर्ण बात है कि हाथ धोते समय अक्सर अंगुलियों के बीच का हिस्सा और अंगूठे का हिस्सा छूट जाता है, ऐसा न हो इसका ध्यान रखें। साथ ही कलाई तक हाथों को धोना जरूरी है। हाथ धोने के तरीके इंटरनेट पर मिल जाएंगे। कार्टून के जरिए या फिल्मों के जरिए बताए गए हैं, बच्चों को उसे दिखाएं और समझाएं। जहां तक बात सैनिटाइजर की है तो घर के बाहर रहने पर इसका इस्तेमाल एक विवशता हो जाता है। एक हैंडवॉश या पेपर सोप भी रखा जा सकता है, जिसका इस्तेमाल रास्ते में पानी मिलने पर किया जा सकता है। सैनिटाइजर का ज्यादा इस्तेमाल कई और दिक्कतें पैदा करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञान संचारक सुशील द्विवेदी
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञान संचारक सुशील द्विवेदी के अनुसार, भारत में घरों और स्कूलों में आमतौर पर खाना हाथों से खाया जाता है। हमें ध्यान रखना होगा कि कब-कब हाथ धोना बहुत ज्यादा जरूरी है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
कब-कब हाथ धोना बेहद जरूरी
- जब आप खाना खाने वाले हों और खाना खाने के बाद।
- जब भी किचन का काम करो, खासकर भोजन पकाते समय।
- फल और सब्जियों को काटने और खाने से पहले। घर में यदि आपके कोई बीमार व्यक्ति है और उसकी देखभाल कर रहे हैं तो हाथों को मेडिकेटेड सोप से जरूर धोएं।
- घाव साफ करने के बाद हाथों को सैनिटाइज करना न भूलें।
- भोजन बनाने के बाद। मांस-मछली साफ करने के बाद।
- घर का कचरा, पालतू जानवर, पशु का चारा छूने के बाद।
- शौचालय से आने के बाद और बच्चे का डायपर बदलने के बाद।
- नाक साफ करने, खांसने-छींकने के बाद। बाहर से आने के बाद
- बाहर से घर आने के बाद साबुन से हाथ जरूर धोने चाहिए।
- जब आप खाना खाने वाले हों और खाना खाने के बाद।
- जब भी किचन का काम करो, खासकर भोजन पकाते समय।
- फल और सब्जियों को काटने और खाने से पहले। घर में यदि आपके कोई बीमार व्यक्ति है और उसकी देखभाल कर रहे हैं तो हाथों को मेडिकेटेड सोप से जरूर धोएं।
- घाव साफ करने के बाद हाथों को सैनिटाइज करना न भूलें।
- भोजन बनाने के बाद। मांस-मछली साफ करने के बाद।
- घर का कचरा, पालतू जानवर, पशु का चारा छूने के बाद।
- शौचालय से आने के बाद और बच्चे का डायपर बदलने के बाद।
- नाक साफ करने, खांसने-छींकने के बाद। बाहर से आने के बाद
- बाहर से घर आने के बाद साबुन से हाथ जरूर धोने चाहिए।