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बच्चों और बुजुर्गों का सहारा बने शुभम, देश की प्रमुख हस्तियों से मिल चुका है सम्मान

Fri, 24 Aug 2018 02:35 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 24 Aug 2018 02:35 PM IST
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former President Pranab Mukherjee honored Shubham of Lucknow
शुभम मिश्रा - फोटो : amarujala
लखनऊ विश्वविद्यालय के एमएसडब्ल्यू द्वितीय वर्ष के छात्र शुभम मिश्रा ने तब यह सोचा भी नहीं था कि जब वे यूनिवर्सिटी के एनएसएस विंग को जॉइन करेंगे तो उनकी जिंदगी की दिशा व दशा ही बदल जाएगी। आज वे पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में इस तरह से रम गए हैं कि चाहे बच्चे हों या बुजुर्ग, पुरुष हो या फिर महिला। हर वर्ग के लोगों की समस्याओं और उनके अधिकारों के लिए वे हमेशा तत्पर रहते हैं।
former President Pranab Mukherjee honored Shubham of Lucknow
शुभम मिश्रा - फोटो : amarujala
शुभम मिश्रा बताते हैं कि चार साल पहले जब मैं सोशियोलॉजी और फिजिकल एजुकेशन से बीए की पढ़ाई कर रहा था तभी एनएसएस विंग को जॉइन किया। शुरुआत में संस्थान की तरफ से सामाजिक कार्यों में जुट गया। सामाजिक सरोकारों के प्रति लोगों को जागरूक करने लगा। इसके बाद तो मैने समाज की मुख्यधारा से अलग लोगों के लिए कुछ करने की ठानी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर कार्य करने लगा। शुभम ने बताया कि वे पौधरोपण, रक्तदान, बाल श्रमिक, भिक्षा मांगने वाले बच्चे, वृद्घाश्रम में रहने वाले बुजुर्ग, घर से बेघर हुए लोगों की समस्याओं के लिए काम करने लगे। सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर जगह-जगह नुक्कड़ नाटक कर लोगों को वृद्घाश्रम के प्रति जागरूक किया, ताकि कोई अपने वृद्घजनों को वृद्घाश्रम में न छोड़े।
former President Pranab Mukherjee honored Shubham of Lucknow
शुभम मिश्रा - फोटो : amarujala
 मलिन बस्तियों में जाकर ऐसे बच्चों व अभिभावकों को उनके अधिकारों के लिए जागरूक किया जो या तो भिक्षा मांगते हैं या फिर छोटा-मोटा धंधा करते हैं। सड़क पर लावारिस पाए जाने वाले वृद्घ लोगों का इलाज करवाया और सोशल मीडिया के माध्यम से उनके परिवारीजनों को ढूंढकर घर पहुंचाया। इसके अलावा मलिन बस्तियों में जाकर समाज से अलग-थलग रह रहे बच्चों को पहचान कर उनको शिक्षा के लिए प्रेरित किया और मुख्य धारा में लाने का काम किया।
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former President Pranab Mukherjee honored Shubham of Lucknow
शुभम मिश्रा - फोटो : amarujala
शुभम बताते हैं कि उन्होंने प्राथमिक विद्यालयों में जाकर पढ़ाया भी। अभी वे एक और सामाजिक संस्था के साथ जुड़ गए हैं जो पांच से 12 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ संबंधी समस्याओं के लिए कार्य करती है। शुभम मिश्रा ने बताया कि उन्हें लोगों की सेवा करने में जो सुख मिलता है और किसी काम में नहीं मिलता। चार वर्ष पहले जो कदम बढ़ाया था, आज उस रास्ते पर काफी आगे निकल आए हैं। 
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शुभम मिश्रा - फोटो : amarujala
कई बार मिल चुका सम्मान 
शुभम अलग-अलग सामाजिक संस्थाओं से जुड़कर अलग-अलग वर्गों के लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए काम कर रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें सम्मानित भी किया गया। 19 नवंबर 2016 में राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत सम्मानित किया। इसी वर्ष उन्हें छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित नेशनल यूथ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सम्मानित किया और राज्यपाल ने राजभवन में बुलाकर उनके प्रयासों की सराहना की।
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