किसी नेता के पास यह खबर आए कि उसके संसदीय क्षेत्र में एक विमान का अपहरण हो गया है। अपहरण करने वाला कह रहा है, 'अमुक नेता ने मुझसे मुलाकात न की तो विमान उड़ा दूंगा।' इस स्थिति में शायद ही वह नेता विमान अपहरण करने वाले से मुलाकात करने के लिए जाए। पर, अटल जी तो अलग ही थे। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान की बात है। प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा था। अटल जी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके थे। उस दिन संयोग से वह मीराबाई मार्ग स्थित स्टेटगेस्ट हाऊस में रुके थे और अंदर कमरे में भोजन कर रहे थे। उस कमरे से जुड़े बाहर वाले कमरे में उस समय अब के बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन कुछ लोगों के साथ बैठे थे। अटल जी को रात में दिल्ली वापस लौटना था। अगले दिन लोकसभा में उन्हें किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर बोलना था।
'अटल जी को बुलाओ नहीं तो 200 लोगों से भरा विमान उड़ा दूंगा', पढ़ें- ये रोचक किस्सा
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अटल जी ने भोजन शुरू ही किया था कि इतने में लखनऊ के तत्कालीन जिलाधिकारी अशोक प्रियदर्शी और प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल बी. सत्यनारायण रेड्डी के सलाहकार अचानक कमरे में आ गए। टंडन जी ने जैसे ही इन लोगों को कमरे में देखा तो बोले, 'अटल जी भोजन कर रहे हैं और आप लोग सीधे यहां पहुंच गए।तत्कालीन जिलाधिकारी प्रियदर्शी हाथ जोड़ते हुए बोले, 'अमौसी हवाई अड्डे पर एक लड़का दिल्ली जाने वाले हवाई जहाज में चढ़ गया है। वह हथगोला जैसी कोई चीज पकड़े हैं। कह रहा है, 'अटल बिहारी वाजपेयी को बुलाओ, नहीं तो हवाई जहाज उड़ा दूंगा।
टंडन जी ने कहा, 'इस तरह अटल जी वहां कैसे जा सकते हैं? उन्हें भी तो खतरा हो सकता है।' टंडन जी बताते हैं, 'अटल जी ने शायद यह बात सुन ली। अंदर से बोले, ' चलो! मैं चल रहा हूं। आखिर दो सौ लोगों के जीवन का सवाल है।' मैं अंदर कमरे में गया। देखा कि अटल जी ने पूरा भोजन भी नहीं किया था। मैने कुछ कहने की कोशिश की तो उन्होंने कहा, 'चलो।' हम लोग थोड़ी देर में हवाई अड्डे पर पहुंचे।
अटल जी ने कहा, 'इसने नादानी और लड़कपन में इस तरह की घटना को अंजाम दे डाला। पर, इसकी जमानत जरूर करा देना। इसका भविष्य न खराब होने पाए।' तभी हम सबने देखा कि एक सीट से कांग्रेस के बड़े नेता और लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष रहे सीताराम केसरी उठकर हम लोगों की तरफ आ रहे हैं। अटलजी कुछ बोलते कि उससे पहले ही केसरी जी बोले, 'जब हमें मालूम हुआ कि आप लखनऊ में हैं तो मेरी जान में जान आई। भरोसा हुआ कि आप जरूर आ जाएंगे। हम लोग बच जाएंगे।'