मानसूनी बारिश के लिए लखनऊ वासियों को अभी 15 दिन और इंतजार करना पड़ सकता है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, मानसून आठ दिन देरी से भारत पहुंचा है। मानसून का लखनऊ आना इस बात पर निर्भर करेगा कि उसकी रफ्तार कैसी रहेगी या देश के तमाम इलाकों में इस दौरान बनने वाले मौसमी सिस्टम से कितनी मदद मिलेगी।
मानसूनी बारिश के लिए करना होगा अभी और इंतजार, जानें- क्या कहते हैं मौसम विज्ञानी
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देश में आने के बाद मौसमी सिस्टम की तेजी या धीमी गति भी कई बार इसके मूवमेंट पर निर्भर करती है कि मानसून किस रफ्तार से आगे बढ़ेगा। कई बार ऐसा भी हुआ है कि देरी से आने के बावजूद मानसून प्रदेश तक सही समय पर पहुंच गया। कई बार ऐसा भी होता है कि मानसून को आगे बढ़ाने वाले सिस्टम उतने अधिक प्रभावशाली नहीं रहे और देरी हुई।
वर्ष 2016 में देरी से केरल आने के बाद सही समय पर लखनऊ पहुंचा था मानसून
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2016 में 8 जून को देरी से भारत में आने के बाद मानसून अपनी सही रफ्तार से चलते हुए जून के तीसरे सप्ताह में ही प्रदेश में आ पहुंचा। 21 जून को प्रदेश और राजधानी में ठीक-ठाक मानसूनी बारिश हुई। जबकि वर्ष 2015, 2014 में इसने देरी की।
2018 --29 मई--27 जून --27-28 जून
2017 --30 मई --26-27 जून--29 जून
2016--08 जून-- 21 जून --21 जून
2015-- 05 जून --23 जून--25 जून
2014--05 जून --19 जून --1 जुलाई
2013 --30 मई-1 जून --15 जून--16 जून
2011 --29 मई--17 जून--19 जून
2010 --31 मई--04 जुलाई--05 जुलाई
2009 --23 मई--29 जून --29 जून
2008--31 मई--12 जून--13 जून
देश में प्रदेश में लखनऊ में
01 जून 15 जून 18 जून
(मौसम विभाग के अनुसार निर्धारित समय सीमा)