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बहराइच : गेरुआ टॉपू पर 142 नन्हे घड़ियालों ने खोलीं आंखें, पहली बार देखी दुनिया, तस्वीरें

Sat, 08 Jun 2019 09:45 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला बहराइच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला बहराइच Published by: Amulya Rastogi Updated Sat, 08 Jun 2019 09:45 PM IST
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142 ghariyal babies open eyes for the first time in bahraich
नन्हे घड़ियाल - फोटो : अमर उजला
कतर्नियाघाट रेंज के अंतर्गत गेरुआ नदी के टॉपू पर घड़ियालों ने नेस्ट सहेजे थे। इनमें से तीन नेस्ट से शुक्रवार देर शाम 142 नन्हे घड़ियाल निकले, जिन्हें वन विभाग के अधिकारियों की टीम ने सुरक्षित ले जाकर कतर्नियाघाट में स्थित घड़ियाल प्रजनन सेंटर में छोड़ दिया है। 
142 ghariyal babies open eyes for the first time in bahraich
नन्हे घड़ियाल - फोटो : अमर उजला
अब प्रजनन सेंटर में घड़ियाल के बच्चे रखे जाएंगे। इनको बड़े होने पर गेरुआ नदी में छोड़ दिया जाएगा। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्निया रेंज में गेरुआ नदी के टॉपू पर प्रतिवर्ष जून में घड़ियालों के नेस्ट से नन्हे घड़ियाल जन्म लेते हैं।
142 ghariyal babies open eyes for the first time in bahraich
नन्हे घड़ियाल - फोटो : अमर उजला
कतर्नियाघाट में नदी के टॉपू पर इस वर्ष भी जगह-जगह घड़ियालों ने नेस्ट बना रखे थे। इस बार भी शुक्रवार देर शाम तीन नेस्ट से घड़ियाल के बच्चे निकले। घड़ियालों के बच्चों के निकलने की सूचना वन विभाग को मिली तो टीम को मौके पर भेजा गया। डीएफओ कतर्नियाघाट जीपी सिंह ने बताया कि तीन नेस्ट से देर शाम घड़ियालों के बच्चे निकले। 
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नन्हे घड़ियाल - फोटो : अमर उजला
दिल्ली डब्ल्यूआईआईटी के रिसर्च गौरव वशिष्ठ व वन क्षेत्राधिकारी कतर्नियाघाट पीयूष मोहन श्रीवास्तव की अगुवाई में घड़ियाल के बच्चों की गिनती की गई। कुल 142 बच्चे तीन नेस्ट से निकले। उन्हें वनकर्मियों की निगरानी में कतर्नियाघाट में स्थित घड़ियाल प्रजनन सेंटर में छोड़ दिया गया है। 
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नन्हे घड़ियाल - फोटो : अमर उजला
डीएफओ ने बताया कि प्रजनन सेंटर में घड़ियाल के बच्चे बड़े होने के बाद गेरुआ नदी में छोड़े जाएंगे। उन्होंने कहा कि शेष नेस्ट की निगरानी की जा रही है। उनकी सुरक्षा में वन कर्मियों की तैनाती की गई है। घोसलों से बच्चे निकलते ही उन्हें भी प्रजनन केंद्र में छोड़ा जाएगा। 
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