लखनऊ में विराजखंड से दुबग्गा जा रही सिटी बस में शुक्रवार शाम उस वक्त हड़कम्प मच गया, जब बैटरी बॉक्स में शॉर्ट सर्किट से लीक हो रही सीएनजी ने आग पकड़ ली। गनीमत रही कि ड्राइवर राजबहादुर और कंडक्टर राहुल कुमार ने जान पर खेलकर यात्रियों को सुरक्षित उतारा। बस में कुल 25 यात्री सवार थे। आधे घंटे बाद दमकल ने आग बुझाई। बस करीब 80 फीसदी जल चुकी है।
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लखनऊः बस में लगी आग, कई यात्रियों ने खिड़की से कूद कर बचाई जान, तस्वीरें
Sat, 28 Dec 2019 11:27 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 28 Dec 2019 11:27 AM IST
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टेढ़ी पुलिया के पास सिटी बस से निकलती लपटें
- फोटो : अमर उजाला
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जली हुई बस
- फोटो : अमर उजाला
इंस्पेक्टर विकास नगर धीरज कुमार शुक्ला के मुताबिक, बस में सीएनजी की पाइप में लीकेज होने से खराबी आ गई। वर्मा पेट्रोल पंप के पास रिंग रोड पर बस को रोक दिया गया और सभी सवारियों को उतारा जाने लगा। बीकेटी व इंदिरा नगर फायर स्टेशनों की अग्निशमन गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। इस दौरान सड़क से गुजरने वाला यातायात ठहर गया। चालक राज बहादुर आग से झुलस गया और उसे अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया।
धूं-धूं कर जली बस
- फोटो : अमर उजाला
फैक्ट फाइल
-92 सिटी बसें हैं दुबग्गा डिपो में
-12 हजार यात्री रोज करते हैं सफर
-60 बसें हो चुकी हैं उम्रदराज, बन सकती हैं हादसे का शिकार
-77 सिटी बसें 22 रूटों पर शुक्रवार को चलीं
-28 सीटर सिटी बसें रोजाना लगाती हैं छह राउंड
112 ने टरकाया, लेट पहुंची फायर ब्रिगेड
बस परिचालक राहुल ने बताया कि जैसे ही बस में आग लगी, सबसे पहले 112 पर डायल कर सूचित किया गया, लेकिन अग्निशमन विभाग को सूचना देने की बात कहकर फोन काट दिया गया। वहीं सब्जी मंडी चौकी प्रभारी धर्मेंद्र सोनकर सूचना पाकर मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में लग गए। आधे घंटे के बाद इंदिरानगर व बीकेटी के फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची और आग पर काबू पाया जा सका।
-92 सिटी बसें हैं दुबग्गा डिपो में
-12 हजार यात्री रोज करते हैं सफर
-60 बसें हो चुकी हैं उम्रदराज, बन सकती हैं हादसे का शिकार
-77 सिटी बसें 22 रूटों पर शुक्रवार को चलीं
-28 सीटर सिटी बसें रोजाना लगाती हैं छह राउंड
112 ने टरकाया, लेट पहुंची फायर ब्रिगेड
बस परिचालक राहुल ने बताया कि जैसे ही बस में आग लगी, सबसे पहले 112 पर डायल कर सूचित किया गया, लेकिन अग्निशमन विभाग को सूचना देने की बात कहकर फोन काट दिया गया। वहीं सब्जी मंडी चौकी प्रभारी धर्मेंद्र सोनकर सूचना पाकर मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में लग गए। आधे घंटे के बाद इंदिरानगर व बीकेटी के फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची और आग पर काबू पाया जा सका।
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आग बुझाता पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
‘सुर्र-सुर्र की आवाज आई और निकलने लगीं लपटें’
कंडक्टर राहुल कुमार बता रहे आंखों देखा हाल
बस में 18 यात्री थे, टेढ़ीपुलिया से सात-आठ यात्री और बैठे थे। मैं बस में पीछे के दरवाजे के पास था। वहां यात्रियों के टिकट बना रहा था। इसी बीच बस से सुर्र-सुर्र की आवाजें सुनकर माथा ठनक गया। इससे पहले कुछ समझ पाता, इससे पहले ही आग की लपटें दिखने लगीं। चेतना शून्य सी हो गई। ड्राइवर राजबहादुर की तेज आवाज ने झकझोर दिया। अब दिमाग में एक ही ख्याल था कि यात्रियों की जान पहले बचानी है। मैं पैसेंजरों को नीचे उतारने लगा। बच्चों को नीचे पहुंच चुके यात्रियों को थमाया और महिलाओं को धैर्य रखने को कहा। कुछ पैसेंजर खिड़की से भी बाहर कूद गए। उधर, ड्राइवर राजबहादुर पैसेंजरों को अगले दरवाजे से तेजी से उतार रहे थे। कुछ यात्रियों को ड्राइवर सीट के पास वाले दरवाजे से भी नीचे उतारा गया। इस दौरान ड्राइवर राजबहादुर जख्मी भी हो गए। मेरे भी पैरों में चोटें आ गईं। पैसेंजरों को उतारने के बाद हम भी नीचे उतर गए। पैसेंजरों ने जब तहे दिल से हमारा शुक्रिया किया तो मन प्रफुल्लित हो उठा। एक पैसेंजर ने तो यहां तक कहा कि हमारे लिए आपने अपनी जान दांव पर लगा दी।
कंडक्टर राहुल कुमार बता रहे आंखों देखा हाल
बस में 18 यात्री थे, टेढ़ीपुलिया से सात-आठ यात्री और बैठे थे। मैं बस में पीछे के दरवाजे के पास था। वहां यात्रियों के टिकट बना रहा था। इसी बीच बस से सुर्र-सुर्र की आवाजें सुनकर माथा ठनक गया। इससे पहले कुछ समझ पाता, इससे पहले ही आग की लपटें दिखने लगीं। चेतना शून्य सी हो गई। ड्राइवर राजबहादुर की तेज आवाज ने झकझोर दिया। अब दिमाग में एक ही ख्याल था कि यात्रियों की जान पहले बचानी है। मैं पैसेंजरों को नीचे उतारने लगा। बच्चों को नीचे पहुंच चुके यात्रियों को थमाया और महिलाओं को धैर्य रखने को कहा। कुछ पैसेंजर खिड़की से भी बाहर कूद गए। उधर, ड्राइवर राजबहादुर पैसेंजरों को अगले दरवाजे से तेजी से उतार रहे थे। कुछ यात्रियों को ड्राइवर सीट के पास वाले दरवाजे से भी नीचे उतारा गया। इस दौरान ड्राइवर राजबहादुर जख्मी भी हो गए। मेरे भी पैरों में चोटें आ गईं। पैसेंजरों को उतारने के बाद हम भी नीचे उतर गए। पैसेंजरों ने जब तहे दिल से हमारा शुक्रिया किया तो मन प्रफुल्लित हो उठा। एक पैसेंजर ने तो यहां तक कहा कि हमारे लिए आपने अपनी जान दांव पर लगा दी।
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जली हुई बस
- फोटो : अमर उजाला
कराई जाएगी जांच
बैटरी में शॉर्ट सर्किट से बस में आग लगी है। ड्राइवर और कंडक्टर की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया। बस करीब 80 प्रतिशत जल गई है। इसकी टेक्निकल जांच के बाद आग लगने की असल वजह का पता लग सकेगा। - मनोज शर्मा, एआरएम, दुबग्गा सिटी बस डिपो