लखनऊ में मोहनलालगंज के गांव मऊ में बुधवार दोपहर बेरहम पिता रज्जन रावत की रोंगटे खड़े हैवानियत सामने आई। रज्जन ने पहले दस साल के बेटे को पेड़ से बांधकर पीटा। फिर उसके साथ क्या किया ये आगे क्लिक करके देखें।
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घायल अंकित
- फोटो : अमर उजाला
चाकू से जख्मी किया, जिंदा जलाने की कोशिश की। उसकी चीख-पुकार पर बचाने दौड़े ग्रामीणों को भाला लेकर दौड़ा लिया। पड़ोसियों ने बेरहम पिता को दबोचकर बच्चे को बचाया। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के साथ बच्चे को अस्पताल पहुंचाया।
कार्यवाहक कोतवाल वीरेंद्र बहादुर ने बताया कि रज्जन रावत बेटे अंकित को अक्सर पीटता रहता है। बुधवार दोपहर अंकित को घर के पास बबूल के पेड़ से बांधा और डंडे से पीटने लगा। महिलाओं को जुटता देख अंकित को रस्सी से बांधकर कमरे में ले जाकर बंद कर दिया। पिटाई के बाद मासूम की जिंदा जलाने की कोशिश करते देख महिलाओं ने शोर मचाया।
ग्रामीणों को आते देख रज्जन ने भाला लेकर उन्हें दौड़ा लिया। पुलिस को कॉल करने के साथ ग्रामीणों ने किसी तरह उसे पकड़ा और अंकित की जान बचाई। ग्रामीणों ने बताया कि प्रताड़ना से आजिज आकर आरोपी की पत्नी चार साल पहले ही छोड़कर चली गई थी।
डॉक्टरों ने मामूली जख्म बता चलता किया
पुलिस ने बच्चे के चाचा नौमीलाल की तरफ से रिपोर्ट दर्ज करके रज्जन को गिरफ्तार किया और बच्चे को सीएचसी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मामूली चोट बताकर प्राथमिक उपचार करके चलता कर दिया। नौमीलाल उसे लेकर घर लौटा और चलता बना। थाना प्रभारी ने बताया कि बीट के सिपाहियों को ग्रामीणों की मदद से अंकित की देखभाल कराने को कहा गया है।