दीपावली का पर्व हो और बात उपहारों की न हो, भला ऐसा कैसे संभव है। तोहफे देना और लेना दोनों ही एक-दूसरे के प्रति अपनेपन और कुछ खास होने का अहसास कराते हैं। दीपावली की शॉपिंग लगभग हर घर में जारी है। खरीदारी की व्यस्तता के बीच क्या गिफ्ट खरीदें, यदि ये सवाल आपको परेशान कर रहा है तो हम आपकी इस समस्या का समाधान कर देते हैं और बताते हैं कि क्या-क्या विकल्प हो सकते हैं उपहार के...।
लखनऊः दीपावली पर अपनों को दीजिए ये खास तोहफे, इको फ्रेंडली होने के साथ लुभाएंगे सबको
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चॉकलेट है खास
मिठाई तो एक ऐसी चीज है जिसके बिना कोई भी त्योहार खाली-खाली सा लगता है। पर अब इसके साथ-साथ कुकीज, चॉकलेट और केक की एक बड़ी रेंज बाजार में उपलब्ध है। शहर के जाने-माने बेकर जसजीव सिंह कोहली कहते हैं कि चॉकलेट का एक बड़ा बाजार है। खासकर दिवाली के लिए खासतौर पर कुछ न कुछ खास नया मार्केट में आता है। इस वक्त बाजार में ड्राईफ्रूट्स को फ्लेवर्ड कर बनाई चॉकलेट काफी पसंद की जा रही है, क्योंकि यह टेस्ट और हेल्थ दोनों ही कसौटी पर खरी उतर रही है। बेकर आरती वैद्य कहती हैं कि चॉकलेट, केक , कुकीज और ड्राईफ्रूट मिक्स हैंपर एक कॉम्बो ऑफर है, जिसमें हर किसी की पसंद की चीजें हैं। एक परिवार के लिए इससे बेहतर गिफ्ट और क्या हो सकता है।
फल और मेवों से तैयार लाजवाब कैंडी
बेकर अपूर्वा भार्गव कहती हैं कि कस्टमर को कुछ नया टेस्ट कराने के लिहाज से हमने इस बार मेवे और फलों पर एक्सपेरीमेंट कर कुछ हेल्थी गिफ्ट आइटम तैयार किए हैं। इसमें मेवों को सुखाकर रिफाइंड शुगर से स्वीट डिश तैयार की जाती है। जैसे मौसम्मी के छिलके, छुआरा, बादाम और रोजबेरी को सुखाकर कैंडी तैयार की गई है। इसके गिफ्ट हैंपर 150 रुपये से लेकर 5000 तक बाजार में उपलब्ध हैं।
शहद भी घोले रिश्तों में मिठास
शहद भी एक बेहतर उपहार हो सकता है। दरअसल सेहत को लेकर सतर्क लोग शहद का सेवन जरूर करते हैं। गिफ्ट भी ऐसा होना चाहिए जो लोगों के काम आए। शहद कारोबार से जुड़े डॉ. नितिन बताते हैं कि बाजार में अलग-अलग तरह के फ्लेवर वाले गिफ्ट हैंपर बाजार में उपलब्ध हैं। वह भी महज 200 रुपये से लेकर 600 रुपये तक में। खास बात है कि शहद के ये हैंपर नीम, तुलसी, लीची और यूकेलिप्टस समेत कई सारे फ्लेवर में उपलब्ध हैं।
घरों में तैयार हुए ईको फ्रेंडली गणेश-लक्ष्मी
इस दीपावली ईको फ्रेंडली गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां भी बाजार में नजर आएगी। कुछ महिलाएं घरों में कच्ची मिट्टी से मूर्तियां तैयार करने में जुटी हैं। कम दामों में उपलब्ध इन मूर्तियों से आप भी ग्रीन दीपावली का संदेश दे सकते हैं। मोनिका भोनवाल पिछले तीन साल से ईको फ्रेंडली मूर्तियां तैयार कर रही हैं। इनकी कीमत 99 रुपये से 1100 रुपये तक है। वहीं, कच्ची मिट्टी के डिजाइनर दीए दो रुपये से लेकर 15 रुपये तक में उपलब्ध है। उनका कहना है कि इन्हें घर में ही विसर्जित किया जा सकता है। दीयों को सिंदूर, रोली, चंदन और हल्दी से सजाया गया है। उनका कहना है कि अक्सर लोगों को लगता है कि ईको फ्रेंडली मूर्तियां महंगी होती है, लेकिन ऐसा नहीं है। बाजार में देखा जाए तो मिलने वाली मूर्तियां कहीं ज्यादा महंगी है। वहीं गोखले मार्ग निवासी शैलजा भार्गव भी तीन साल से ग्रीन दीपावली का संदेश अपनी कोशिशों के जरिए देने की कोशिश कर रही हैं। वे कच्ची मिट्टी के गणेश-लक्ष्मी मंगवाकर उन्हें सजाकर बेचती हैं। बजरंग बली, कुबेर, सरस्वती, और उल्लू-चूहा भी वे तैयार करती हैं।