गोमतीनगर में जनेश्वर मिश्र पार्क के सामने बृहस्पतिवार शाम भीषण हादसे में बाइक सवार युवक डिवाइडर की नुकीली ग्रिल पर गिर पड़ा। ग्रिल की नोंक उसकी ठोड़ी से जुबान को चीरते हुए धंस गई। युवक को ग्रिल में फंसा देख हड़कंप मच गया। राहगीरों से सूचना पाकर आई पुलिस ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद ग्रिल काटकर उसे निकाला और अस्पताल भेजा।
प्रभारी निरीक्षक त्रिलोकी सिंह ने बताया कि युवक की पहचान कैसरबाग के मछली मोहाल निवासी 24 वर्षीय मो. कोनिन के रूप में हुई है। उसका ऑपरेशन करके लोहे की ग्रिल निकाल दी गई है। अब उसकी हालत खतरे से बाहर है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि हादसा शाम करीब छह बजे हुआ। मो. कोनिन अपने दो किशोर दोस्तों के साथ बाइक से जनेश्वर मिश्र पार्क के सामने से गुजर रहा था। बाइक की गति काफी अधिक थी। पार्क के गेट नंबर दो के सामने अचानक बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई।
मो. कोनिन सीधे नुकीली ग्रिल पर गिरा जबकि उसके दोनों साथी उछलकर ग्रिल के दूसरी तरफ क्यारी में गिर पड़े। ग्रिल का नुकीला हिस्सा मो. कोनिन की ठोड़ी में घुसते हुए उसकी जुबान को चीरकर बाहर निकल गया। गनीमत रही कि ग्रिल उसके मुंह के तालू से होते हुए सिर में नहीं घुसी।
हादसे की सूचना पाकर गोमतीनगर थाना के वरिष्ठ उपनिरीक्षक अमरनाथ यादव, सिपाही प्रदीप तिवारी और राहुल मौके पर पहुंचे और आधे घंटे की मशक्कत के बाद ग्रिल काटकर उसे निकाला। उसे ट्रामा सेंटर भेजा गया जहां चिकित्सकों ने ऑपरेशन करके ग्रिल का नुकीला हिस्सा निकाल दिया। इस बीच हादसे की सूचना पाकर मो. कोनिन के परिवारीजन ट्रामा सेंटर पहुंच गए।
चिकित्सकों का कहना था कि पुलिस ने अगर ग्रिल से उसे निकालने में लापरवाही कर दी होती या फिर अस्पताल लाने में देर लगा दी होती तो जान बचाना मुश्किल हो जाता।