लखनऊ में जब से जिम बंद हुए तब से लोग कोरोना से लड़ने के लिए खुद को साइकिलिंग के जरिये फिट कर रहे हैं। इससे एक्ससाइजर रेंजर ब्रांड की रोजाना 100 साइकिलें बिक रही हैं। लॉकडाउन से पहले चार से पांच साइकिलें ही बिका करती थीं। गियर व शॉकर वाली इस साइकिल की कीमत 5000 से 25000 तक है। आमतौर पर लोग 10000 से 15000 वाली साइकिल खरीद रहे हैं।
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कोरोना से जंग में खुद को फिट रखने के लिए साइकिलिंग कर रहे लोग, 30 फीसदी बढ़ा कारोबार
Wed, 17 Jun 2020 03:33 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 17 Jun 2020 03:33 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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इसके साथ ही जो लोग घर में ही साइकिलिंग करना चाहते हैं वह ट्रेडमिल खरीद रहे हैं। यह साइकिल रोजाना एक-दो ही बिक रही है। इसके साथ ही साधारण श्रेणी की 3500 से 4000 रुपये वाली साइकिल की सेल भी बढ़ी है। इससे वर्तमान में साइकिल के कारोबार में 30 फीसदी का इजाफा हुआ है। कारोबारियों ने बताया कि पहले रोजाना 700 साइकिलें बिकती थीं, अब रोजाना 1000 साइकिलें बिक रही हैं। इनमें 100 रेंजर ब्रांड की हैं। इससे अनुमानित रोजाना 75 लाख का कारोबार हो रहा है।
राहुल बाधवा
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लॉकडाउन के दौरान खूब बिकीं रेंजर साइकिल
साइकिल कारोबारी राहुल वाधवा बताते हैं कि साइकिल की बिक्री में तेजी तो लॉकडाउन के दौरान से ही आ गई थी। प्रशासन की पैरवी पर दुकान खोल कर लोगों को साइकिलें बेची गईं। इस वक्त रेंजर ब्रांड खूब बिक रहा है। इस साइकिल के जरिये लोग मॉर्निंग वॉक करने निकल रहे हैं। जो लोग खुद को फिट रखने के लिए जिम में कसरत करते थे, वे अब साइकिल चला रहे हैं।
साइकिल कारोबारी राहुल वाधवा बताते हैं कि साइकिल की बिक्री में तेजी तो लॉकडाउन के दौरान से ही आ गई थी। प्रशासन की पैरवी पर दुकान खोल कर लोगों को साइकिलें बेची गईं। इस वक्त रेंजर ब्रांड खूब बिक रहा है। इस साइकिल के जरिये लोग मॉर्निंग वॉक करने निकल रहे हैं। जो लोग खुद को फिट रखने के लिए जिम में कसरत करते थे, वे अब साइकिल चला रहे हैं।
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सुमित अग्रवाल
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साइकिल में युवाओं का भी रुझान
साइकिल कारोबारी सुमित अग्रवाल ने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग और फिटनेस बनाए रखने के लिए साइकिल बेहतर साधन है। करोना के दौर में साइकिल चलाना रामबाण साबित हो रहा है। इसीलिए डॉक्टरों के सुझाव पर शायद लोगों का साइकिल की तरफ रुझान आया है। खासतौर पर युवा वर्ग अब साइकिलिंग के लिए बहुत जागरूक हुआ है, जिससे लॉकडाउन के बाद से साइकिल कारोबार बेहतर होता जा रहा है।
साइकिल कारोबारी सुमित अग्रवाल ने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग और फिटनेस बनाए रखने के लिए साइकिल बेहतर साधन है। करोना के दौर में साइकिल चलाना रामबाण साबित हो रहा है। इसीलिए डॉक्टरों के सुझाव पर शायद लोगों का साइकिल की तरफ रुझान आया है। खासतौर पर युवा वर्ग अब साइकिलिंग के लिए बहुत जागरूक हुआ है, जिससे लॉकडाउन के बाद से साइकिल कारोबार बेहतर होता जा रहा है।
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राजा मक्कड़
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ट्रेडमिल साइकिलों की भी डिमांड
कारोबारी राजा मक्कड़ ने बताया कि जो लोग घर के बाहर साइकिलिंग करना नहीं चाहते या जिनके पास मॉर्निंग वॉक का वक्त नहीं है, वे खुद को फिट रखने के लिए ट्रेडमिल साइकिलें खरीद रहे हैं। ये साइकिल जिम में होती है, जो काफी महंगी होती है। घर के लिए यह साइकिल 25 से 50 हजार में उपलब्ध है। इस ट्रेडमिल साइकिल को भी लोग खरीद रहे हैं।
कारोबारी राजा मक्कड़ ने बताया कि जो लोग घर के बाहर साइकिलिंग करना नहीं चाहते या जिनके पास मॉर्निंग वॉक का वक्त नहीं है, वे खुद को फिट रखने के लिए ट्रेडमिल साइकिलें खरीद रहे हैं। ये साइकिल जिम में होती है, जो काफी महंगी होती है। घर के लिए यह साइकिल 25 से 50 हजार में उपलब्ध है। इस ट्रेडमिल साइकिल को भी लोग खरीद रहे हैं।