कृष्णानगर में रविवार शाम बाहुबली मुख्तार अंसारी के करीबी ठेकेदार महेंद्र प्रताप को बाइक सवार बदमाशों ने नजदीक से चार गोलियां मारी थीं। पुलिस ने इस हत्याकांड में साथी ठेकेदार समेत 13 लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने अब तक 50-60 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले हैं जिनमें बदमाशों को बाइक से जाते हुए देखा गया है। महेंद्र की हत्या में उसके बेटे विक्की ने दो अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
लखनऊ: मुख्तार अंसारी के करीबी ठेकेदार को मारी थी चार गोलियां, तीन पत्नियों पर फंसा पेंच, सीसीटीवी में दिखे हमलावर
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कभी हुआ करता था मुख्तार अंसारी का चालक
पुलिस के मुताबिक, महेंद्र प्रताप कभी मऊ के बाहुबली विधायक व बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी का करीबी चालक हुआ करता था। मूलरूप से गाजीपुर जिले के नक्खास का रहने वाला महेंद्र काफी शातिर बदमाश रहा है। सूत्र बताते हैं कि मुख्तार जब भी खुली जिप्सी से निकलता था तो जिप्सी वही चलाता था। मुख्तार के जेल जाने के बाद वह सांसद अफजल अंसारी के साथ रहा। इसके बाद वह लखनऊ आ गया। यहां भी अंसारी बंधुओं से ताल्लुकात रहे। इसी बीच वह ठेके पर मकान बनवाने व गिराने का काम करने लगा। पुलिस के मुताबिक, महेंद्र का पुराने लखनऊ के रहने वाले एक ठेकेदार से विवाद भी सामने आया है जिसकी पुलिस जांच कर रही है। पहले दोनों साथ में ही काम करते थे। पुलिस पूर्वांचल के माफिया गिरोहों से रंजिश के बारे में भी पड़ताल कर रही है।
तीन पत्नियों के राज सुलझाने में फंसी पुलिस
महेंद्र प्रताप की हत्या की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब उसके परिवारीजनों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की तो कई राज खुले। पुलिस के मुताबिक, महेंद्र की तीन पत्नियां है। तीनों लखनऊ में ही रहती हैं। महेंद्र की पहली पत्नी मीना है। दूसरी का नाम सीमा व तीसरी बबिता सिद्दीकी है। पुलिस तीनों पत्नियों के राज को सुलझा नहीं पा रही है। पुलिस हत्या के पीछे महेंद्र के अवैध संबंधों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
ठेकेदार समेत 13 हिरासत में, पूछताछ जारी
पुलिस ने महेंद्र की हत्या में उसके साझीदार ठेकेदार असलम को संदिग्धों की श्रेणी में रखा है। पुलिस ने रविवार रात को ही पुराना सरदारीखेड़ा निवासी असलम को हिरासत में ले लिया। उससे कई राउंड की पूछताछ की गई। 12 अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है लेकिन कोई अहम सुराग नहीं मिला है।
गाजीपुर का था हिस्ट्रीशीटर
पुलिस के मुताबिक, महेंद्र प्रताप गाजीपुर जिले का हिस्ट्रीशीटर था। उसके खिलाफ गाजीपुर के कई थानों में 37 मुकदमे दर्ज हैं। उसकी हिस्ट्रीशीट भी खुली है। वहीं लखनऊ के सआदतगंज, ठाकुरगंज व हजरतगंज में भी रंगदारी, हत्या के प्रयास समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। महेंद्र पर लखनऊ में डीआरएम कार्यालय में ठेकेदारों को रेलवे ठेके के विवाद में धमकी देने का भी मामला सामने आया है।