लखनऊ के गोमतीनगर के विश्वास खंड में व्यापारी डॉ. हर्ष अग्रवाल की पत्नी रुचि अग्रवाल ने सिरफिरे कारपेंटर गुलफाम से बचने के लिए खूब संघर्ष किया। इस दौरान सिरफिरा उन पर लकड़ी में छेद करने वाले औजार बरमा से वार करता रहा। हॉल, कमरे व लॉबी में चारों तरफ खून फैला होने, रुचि का चश्मा टूटा मिलने, डाइनिंग टेबल पलटी होने व अन्य सामान भी अस्त-व्यस्त होने से इसकी तस्दीक हो रही थी। रुचि कुत्ता भी घायल था। इससे साफ है कि कारपेंटर ने उस पर भी हमला किया।
जान बचाने के लिए जूझती रही रुचि, लकड़ी में छेद करने वाले बरमा से वार करता रहा हत्यारा, हर तरफ खून के छींटे, तस्वीरें
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डॉ. हर्ष के मकान के प्रथम तल पर ढाई महीने से कारपेंटर गुलफाम व उसका साथी तस्लीमुद्दीन निवासी मड़ियांव काम कर रहे थे। बुधवार दोपहर करीब एक बजे रुचि लॉरेटो कॉन्वेंट में पढ़ने वाली दोनों बेटियों को लेकर घर लौटी थीं। तभी पति का फोन आ गया। वह हॉल में बैठी फोन पर बात कर ही रही थीं कि कारपेंटर गुलफाम आ गया और बेटी वामिका के गले पर बरमा (लकड़ी में छेद करने वाला औजार) रखकर जान से मारने की धमकी देने लगा। इस पर घबराईं रुचि ने बेटी से कमरे में भागने को कहा और गुलफाम से भिड़ गईं।
फोन पर रुचि की चीख सुनकर डॉ. हर्ष घबरा गए और अनहोनी की आशंका में उन्होंने अपने पड़ोसियों व कुछ परिचितों को फोन करके तत्काल घर पहुंचने को कहा। बड़ी बेटी प्रियांशी तुरंत नीचे भागी और गेट के पास बैठे अपने बुजुर्ग नौकर नंदलाल को बताया कि गुलफाम ने मम्मी को चाकू मार दिया है। फिर वह मदद मांगने पड़ोसी के घर में घुस गई। इस बीच रुचि ने कमरे में जाकर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन गुलफाम भी कमरे में घुस गया। गुलफाम ने उनके पेट, कंधे व हाथ पर बरमा से कई वार कर दिए।
चंद मिनट में ही डॉ. हर्ष के पड़ोसी व कई परिचित घर पहुंच गए और खून से लथपथ रुचि को लेकर लोहिया अस्पताल भागे। मगर घाव गहरे होने से अधिक खून बह जाने के कारण कुछ देर में ही रुचि की मौत हो गई। वहीं, वारदात के दौरान घबराकर भागने से गिरकर वामिका के पैर में मामूली चोट आई है।
एडीसीपी पूर्वी एसएम कासिम आब्दी ने बताया कि आरोपी को ठाकुरगंज के फरीदीपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। गुलफाम नशे का आदी है और बिजनेस शुरू करने के लिए रकम नहीं देने पर वह डॉ. हर्ष से नाराज था। इसी वजह से उसने रुचि की हत्या करने की बात स्वीकार की है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस व फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
गोमतीनगर के पॉश इलाके में हत्या की सूचना मिलते ही डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन, एडीसीपी एसएम कासिम आब्दी, एसीपी श्वेता श्रीवास्तव व इंस्पेक्टर केके तिवारी फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने डॉ. हर्ष अग्रवाल, उनकी दोनों बेटियों, नौकर नंदलाल व पड़ोसियों से घटना के बारे में जानकारी लेने के साथ ही मौके से साक्ष्य जुटाए। इसके साथ ही पुलिस की एक टीम ने इलाके में लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली। इसमें आरोपी गुलफाम हाथ में बरमा लेकर जाता दिखा।
आज पैसा चाहिए, भले ही जेल हो या फांसी
डॉ. हर्ष अग्रवाल के घर में कई दशक से काम करने वाले नौकर नंदलाल (70) ने बताया कि जब प्रियांशी ने उसे बताया कि गुलफाम ने मम्मी को चाकू मार दिया है तो वह गेट के पास पहुंचा। इसी बीच हाथ में खून से सना बरमा लेकर गुलफाम नीचे उतरा और नंदलाल से कहा कि हट जाओ नहीं तो तुम्हें भी मार डालूंगा। नंदलाल ने बताया कि गुलफाम चिल्ला रहा था कि आज बस पैसा चाहिए, भले ही जेल हो या फांसी।