{"_id":"3d260eeebe92aaeefddcf86f163bd873","slug":"condition-of-udwaa-village-adopted-by-sonia-gandhi","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"13 तस्वीरों से जानें, कैसा है सोनिया का गोद लिया 'उड़वा' गांव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
13 तस्वीरों से जानें, कैसा है सोनिया का गोद लिया 'उड़वा' गांव
Mon, 25 May 2015 12:54 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 25 May 2015 12:54 PM IST
विज्ञापन
13 तस्वीरों से जानें, कैसा है सोनिया का गोद लिया 'उड़वा' गांव
1 of 13
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
(अशोक शर्मा) उड़वा। बजरंग पांडेय। उम्र सौ साल। ढलती उम्र के बावजूद चेहरे पर चमक। आवाज ऐसी कड़क कि किसी का भी ध्यान खींच ले। पर, गांव के विकास की बात पर एकदम मायूस हो जाते हैं। खेती करके परिवार चलाते हैं। वर्षों से कच्चे मकान में रह रहे हैं। पक्के मकान की उम्मीद छोड़ चुके हैं।
13 तस्वीरों से जानें, कैसा है सोनिया का गोद लिया 'उड़वा' गांव
2 of 13
कहते हैं न कुछ बदला और न अब बदलने की उम्मीद है। यही मायूसी ज्यादातर ग्रामीणों के चेहरे पर साफ झलकती है। यह बदरंग तस्वीर है उस गांव की जिसे सांसद सोनिया गांधी ने आदर्श बनाने के लिए गोद लिया हुआ है।
13 तस्वीरों से जानें, कैसा है सोनिया का गोद लिया 'उड़वा' गांव
3 of 13
गांव में बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज तो बहुत दूर की बात है, टॉयलेट तक की व्यवस्था नहीं है। लोग कुओं का पानी पी रहे हैं। बिजली आती नहीं, फसलों की सिंचाई के लिए पानी का संकट है। इंदिरा और लोहिया आवास तक नहीं मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन
13 तस्वीरों से जानें, कैसा है सोनिया का गोद लिया 'उड़वा' गांव
4 of 13
रायबरेली से 25 किमी दूर इलाहाबाद हाइवे पर जगतपुर-सलोन मार्ग से तीन किमी अंदर बसा प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन के महायोद्धा राना बेनी माधव की जन्मस्थली उड़वा गांव सात महीने पहले सोनिया के गोद लेने पर खास तो हुआ, लेकिन कोई बदलाव नहीं हुआ।
विज्ञापन
13 तस्वीरों से जानें, कैसा है सोनिया का गोद लिया 'उड़वा' गांव
5 of 13
गांव में प्रवेश करते ही झुग्गी-झोपड़ी, उबड़-खाबड़ रास्ते, कुएं से पानी भरती महिलाएं और हाथ से पंखा झलते लोग दिखाई पड़ जाते हैं। सतरानी, बृजनंदन, सुकमती, जागेश्वर कहते हैं कि गांव गोद लेने के बाद तो मानो सब कुछ थम गया है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।