मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन में राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम में शामिल लोगों को पोषण का मंत्र देते हुए कहा कि बच्चों की सेहत सुधरेगी तो पीढ़ी संवरेगी। सीएम योगी ने कहा कि कुपोषित बच्चा समाज के सामने एक चुनौती है। स्वास्थ्य समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए हमें जाति, मत और मजहब से ऊपर उठकर एक-एक बच्चे पर ध्यान देना पड़ेगा। तभी हम 2047 तक भारत को विकसित बना पाएंगे। इसके लिए हमें अभी से मेहनत करनी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना साकार होने का मतलब हर चेहरे पर खुशहाली है।
पोषण माह का शुभारंभ: सीएम योगी ने बच्चों को कराया अन्नप्राशन, महिलाओं को दिए उपहार, तस्वीरें
सीएम योगी ने बिना नाम लिए विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान कुछ लोग विदेश भाग गए थे तो कुछ लोग छुट्टी मनाने निकल गए थे। उन्होंने कहा कि कोरोना के दौरान प्रदेश की आंगनबाड़ी बहनें, आशा बहुओं और एनएम ने जब कदम से कदम मिलाकर कार्य किया तो उत्तर प्रदेश कोरोना प्रबंधन का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया। अपनी सरकार की उपलब्धियों के विषय में बताते हुए सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने पिछले साढ़े सात वर्ष में उत्तर प्रदेश में 18000 से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया गया है। बाकी बचे केंद्रों का हम एक साथ निर्माण कराने जा रहे हैं।
नियंत्रण में आया इंसेफेलाइटिस
सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले इसी सीजन में 1 से 15 वर्ष की उम्र के हजारों की संख्या में बच्चे इंसेफेलाइटिस की चपेट में आते थे। उनमें से 60 प्रतिशत बच्चों की मृत्यु हो जाती थी। उनमें से 40 फीसदी बच्चे शारीरिक और मानसिक दिव्यांगता के शिकार हो जाते थे। उन्होंने कहा कि चालीस वर्षों में प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से 50 हजार से ज्यादा बच्चों की मौतें हुईं। उन बच्चों की मौत की अपराधी पूर्ववर्ती सरकारें हैं। आज अंतर्विभागीय समन्वय के माध्यम से उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी पूरी तरह से समाप्त हो गई है। ये डबल इंजन की सरकार के बेहतरीन प्रबंधन का परिणाम है।
शिशु मृत्यु दर में आई गिरावट
सुपोषित भारत के सपने को साकार करने के लिए सीएम योगी के नेतृत्व में जारी जनअभियान के तहत उत्तर प्रदेश में कुपोषण की दर में विगत साढ़े सात वर्ष में काफी गिरावट आई है। नेशनल फैमली हेल्थ सर्वे के अनुसार 2015-2016 की तुलना में वर्ष 2019-2020 में उत्तर प्रदेश में एनीमिया के स्तर में 5.1, स्टंटिंग 6.6, अल्प वजन में 7.4 और सूखापन में 0.6 गिरावट आई है। वहीं आज प्रदेश में शिशु मृत्यु दर प्रति हजार 61 से घटकर 38 और मातृ मृत्यु दर प्रति लाख 201 से घटकर 167 हो गई है।
तीन बच्चों का हुआ अन्नप्राशन
कार्यक्रम में सीएम योगी ने तीन गर्भवती महिलाओं को पोषित आहार और उपहार भेंट किया। पोषित आहार पाने वाली महिलाओं में कल्पना, मोनिका और खुशनुमा शामिल थीं। इसके अलावा सीएम योगी ने तीन बच्चों नैतिक, वियांश और आयुषी का अन्नप्राशन कराया। इसके तहत सीएम योगी ने बच्चों के मस्तक पर टीका लगाकर लाड एवं दुलार भी किया। इसके अलावा उन्होंने कुपोषित श्रेणी से सुपोषित श्रेणी में आए बच्चों के अभिभावकों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं आंगनबाड़ी सहायिकाओं को सम्मानित भी किया।