'लैंड आफ बुद्घा, लैंड आफ ताज के बाद लैंड आफ म्यूजिक बने यूपी'
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि जिस प्रकार यूपी को लैंड ऑफ बुद्धा, लैंड ऑफ ताज, लैंड ऑफ राम, कृष्णा व शिवा कहा जाता है, उसी प्रकार म्यूजिक में भी यूपी की पहचान होनी चाहिए। (कार्यक्रम में प्रतिभागियों को पुरस्कृत करते मुख्यमंत्री अखिलेश।)
'लैंड आफ बुद्घा, लैंड आफ ताज के बाद लैंड आफ म्यूजिक बने यूपी'
संगीत को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार हर प्रकार का सहयोग प्रदान करेगी। हमें उम्मीद है कि बहुत जल्द हम म्यूजिक में भी अपनी खास पहचान बना लेंगे। (कार्यक्रम में प्रतिभागियों को पुरस्कृत करते मुख्यमंत्री अखिलेश।)
'लैंड आफ बुद्घा, लैंड आफ ताज के बाद लैंड आफ म्यूजिक बने यूपी'
उन्होंने कहा कि सड़क, पुल, मेट्रो आदि बन जाए तो इससे थोड़ी-बहुत खुशी जरूर मिलती है, लेकिन म्यूजिक में वह शक्ति है जिससे सुख व शांति दोनों मिलती है।(कार्यक्रम में प्रतिभागियों को पुरस्कृत करते मुख्यमंत्री अखिलेश।)
'लैंड आफ बुद्घा, लैंड आफ ताज के बाद लैंड आफ म्यूजिक बने यूपी'
अब यह बात यदि कोई नेता कहता है तो लोग इसका दूसरा मतलब निकालते हैं और अगर कोई डॉक्टर कह दे तो सब सहमत हो जाएंगे। मुख्यमंत्री शनिवार को संगीत नाटक अकादमी में आयोजित संगीत मिलन समारोह में बोल रहे थे।(कार्यक्रम में प्रतिभागियों को पुरस्कृत करते मुख्यमंत्री अखिलेश।)
'लैंड आफ बुद्घा, लैंड आफ ताज के बाद लैंड आफ म्यूजिक बने यूपी'
उन्होंने कार्यक्रम के आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि उनके सहयोग से बहुत अच्छा काम लखनऊ में हुआ है। उन्होंने कहा कि डॉ. जी चौधरी व उनकी पत्नी क्लासिकल म्यूजिक को बचाने के लिए बहुत अच्छा काम कर रही हैं। प्रैक्टिस से म्यूजिक आ सकता है, लेकिन यदि बच्चों में इन-बार्न टैलेंट नहीं है तो उसे बाहर नहीं निकाला जा सकता है। (पुरस्कृत प्रतिभागियों के साथ मुख्यमंत्री अखिलेश।)