केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 12वीं रिजल्ट में भी यूपी बोर्ड और सीआईएससीई की तरह राजधानी के विद्यार्थियों ने अपनी मेधा का परचम लहराया है। रानी लक्ष्मीबाई सीनियर सेकंड्री स्कूल विकास नगर शाखा के बलबीर यादव, आर्मी पब्लिक स्कूल की दिव्यांशी मिश्रा और सौम्या मिश्रा 98.4 फीसदी अंक प्राप्त करके अव्वल रहे।
CBSE Result: सोशल मीडिया की मदद से टॉपर बने लखनऊ के बलवीर सिंह, ऐसे ली मदद
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अर्थशास्त्र-गणित के 100 ने बढ़ाया मान : सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में अर्थशास्त्र का पेपर लीक होने के बाद विद्यार्थियों की धड़कनें बढ़ी हुई थी कि दोबारा हुआ पेपर उनके लिए कितना फायदेमंद रहेगा। क्योंकि दोबारा पेपर देने में उतनी तैयारी नहीं कर पाए थे। किंतु शनिवार को घोषित परिणाम में अर्थशास्त्र में मिले नंबर से विद्यार्थियों के चेहरे खिल गए।
काफी संख्या में विद्यार्थियों को अर्थशास्त्र व गणित में 100 में 100 नंबर मिले। इससे उनका प्रतिशत भी बढ़ा और उनका मान भी। जबकि गत वर्ष इन दोनों विषयों में विद्यार्थियों को इतने नंबर नहीं मिले थे। हालांकि अपेक्षाकृत अंग्रेजी और फिजिक्स में विद्यार्थियों को कम नंबर मिले। जबकि विद्यार्थियों को फिजिक्स के पेपर में अच्छे नंबर की उम्मीद थी।
सोशल मीडिया से पढ़ाई कर अव्वल बने बलवीर सिंह
युवाओं में सोशल मीडिया के बढ़ते चलन से अभिभावकों में काफी डर है। वहीं दूसरी ओर सीबीएसई 12वीं में 98.4 फीसदी अंक लाकर लखनऊ के शिखर पर छाने वाले आरएलबी के छात्र बलवीर यादव ने पढ़ाई के लिए सोशल मीडिया को बड़ा हथियार बनाया। बलवीर ने यू-ट्यूब पर वीडियो देखकर अपनी पढ़ाई की। जिन टॉपिक को समझने में उन्हें परेशानी हुई, उसके लिए उन्होंने फेसबुक पर अपने दोस्तों और शिक्षकों से भी मदद ली। बलवीर के पिता ओमप्रकाश यादव सहाराश्री सुब्रत राय के बॉडीगार्ड हैं। जबकि मां मीरा यादव गृहिणी हैं। बलवीर के अनुसार मायने यह नहीं रखता कि आप कितने घंटे पढ़ाई करते हैं। महत्वपूर्ण यह है कि आप उसे कितना समझते हैं। बलवीर का सपना आगे चलकर कंप्यूटर साइंस में इंजीनियर बनना है। इसके लिए उन्होंने इस साल जेईई मेन और एडवांस की परीक्षा भी दी है। जेईई मेन में बलवीर की नौ हजार रैंक थी। उन्हें एडवांस के रिजल्ट में आईआईटी मिल जाएगी।
12वीं का कोर्स इतना ज्यादा नहीं होता कि उसके लिए 14 घंटे पढ़ाई की जाए। बेहतर होगा कि एनसीईआरटी की बुक्स को कम से कम दो से तीन बार पढ़ा जाए। इसके बाद उस विषय की तैयारी ऐसी हो जाएगी कि आप अच्छे नंबर ला सकें। यह कहना है सीबीएसई 12वीं में 98.4 फीसदी नंबर लाने वाली आर्मी पब्लिक स्कूल की छात्रा दिव्यांशी मिश्रा का। दिव्यांशी आगे चलकर डॉक्टर बनना चाहती हैं। दिव्यांशी के अनुसार उनका सपना एम्स से एमबीबीएस की पढ़ाई करना है। इसलिए वह एग्जाम दे रही हैं। दिव्यांशी के पिता अमित कुमार मिश्रा सेना में कार्यरत हैं जबकि मां कंचन मिश्रा गृहिणी हैं। अपने जूनियर्स को दिव्यांशी की सलाह है कि वे नियमित रूप से पढ़ाई करते रहें। केवल परीक्षा के कुछ दिन पहले पढ़ाई करने से कुछ नहीं होगा। सफलता के लिए जरूरी है कि पूरे साल पढ़ाई करते रहें। अपनी सफलता का श्रेय दिव्यांशी शिक्षक और परिवार को देती हैं।
मनोविज्ञानी बनकर कम करना है तनाव: सौम्या मिश्रा
आर्मी पब्लिक स्कूल की सौम्या मिश्रा 98.4 फीसदी अंक प्राप्त कर जिले के मेधावियों में अव्वल रही हैं। सौम्या कहती हैं कि चूंकि मैं एक विद्यार्थी हूं इसलिए समझ सकती हूं कि युवा कितने तनाव में रहते हैं। बदलते समय में उन्हें घर और बाहर कई तरह का तनाव रहता है। मनोविज्ञान में शुरूआत से रुचि रही है। एनजीओ में काम करना चाहती हैं। पिता सदानंद मिश्रा आर्मी में अधिकारी हैं और मां अनामिका मिश्रा गृहणी। मां-पिता का पढ़ाई में पूरा सहयोग और माहौल मिला। यही वजह रही कि सौम्या ने कभी कोचिंग नहीं की और पूरा ध्यान सेल्फी स्टडी पर लगाया। पूर्व के वर्षों के पेपर को हल किया और उससे सफलता की राह आसान हुई। आज लड़कियों के साथ हो रही घटनाएं सौम्या को व्यथित करती हैं। कहा कि कई बार बाहर निकलने खासकर अकेले, हिचकती हूं। इस व्यवस्था में भी बदलाव करना चाहती हूं। समय मिला तो एनजीओ के लिए भी काम करूंगी।