भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) बंगलूरू ने सोमवार को कॉमन एप्टीट्यूड टेस्ट (कैट)-2016 का परिणाम जारी कर दिया गया है। इस बार भी कैट में इंजीनियर्स का ही जलवा रहा और पहले 20 स्थानों पर सभी अभ्यर्थी इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से हैं। कैट-2016 के संयोजक प्रो. राजेंद्र कुमार बांडी ने बताया कि इन अभ्यर्थियों को ओवरऑल 100 पर्सेंटाइल मिले हैं। लखनऊ के टॉपर्स में भी सभी इंजीनियरिंग कोर्स के विद्याथी हैं।
कैट में फिर छाए इंजीनियर, टॉप-20 पर लड़कों का कब्जा
अनन्या वत्स : फाइनल ईयर में चार घंटे की तैयारी
स्कोर : 99.64
माता-पिता : शालिनी-हाउसवाइफ व पंकज वत्स- केंद्रीय कर्मचारी
सफलता पर : मुझे अच्छे स्कोर की पूरी उम्मीद थी। मैंने आईईटी लखनऊ से बीटेक फाइनल ईयर पास कर कोर्स पूरा किया है। थर्ड ईयर के दौरान ही एमबीए करने का निर्णय लिया था। इसकी तैयारी के लिए फाइनल ईयर में हर रोज तीन से चार घंटे दिए और आखिरी दौर में अपनी कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई के बजाय फोकस कैट पर ले आईं।
लक्ष्य : देश के टॉप संस्थान से एमबीए कर बीटेक डिग्री के जरिए बेहतर जॉब का लक्ष्य।
देवांग श्रीवास्तव : दूसरे प्रयास में शानदार स्कोर
स्कोर : 99.58
माता-पिता : अनीता श्रीवास्तव- हाउस वाइफ व पिता सुधीर कुमार- एचएएल में इंजीनियर
सफलता पर : एनआईटी जयपुर से 2016 में केमिकल इंजीनियरिंग पूरी कर चुका हूं। कैट में यह दूसरा प्रयास था। पिछले वर्ष 97 परर्सेंटाइल स्कोर किया था, जिसमें मनचाहा संस्थान नहीं मिला, इसलिए फिर से कोशिश की।
लक्ष्य : श्रेष्ठ संस्थान में एडमिशन लेकर कोर्स पूरा करना और कॉरपोरेट सेक्टर में खुद को स्थापित करना। इसके लिए अगले राउंड की कॉल का वेट कर रहा हूं।
स्कोर : 99.39
माता-पिता : रूपरेखा- टीचर और पिता कमलेश गौतम- कारोबारी
सफलता पर : यह पहला प्रयास था। आईईटी सिविल इंजीनियरिंग फाइनल ईयर है और जल्द यह कोर्स पूरा करने पर देश के नामी मैनेजमेंट संस्थान में एडमिशन लेने की चाह।
लक्ष्य : 2016 में फरवरी से कैट की तैयारी शुरू की थी। 10 महीने की मेहनत रंग लाई। चाहूंगा कि जीडी-पीआई में अच्छा प्रदर्शन कर एडमिशन हासिल करूं। फिलहाल अगले चरण के लिए आईआईएम कोझीकोड से कॉल आ चुका है, बाकी देख रहे हूं कि कहां और जाना होगा।
आयुषी शर्मा : जॉब छोड़कर की थी कैट की तैयारी
स्कोर : 99.07
माता-पिता : शीला शर्मा-होममेकर व प्रवेश आनंद शर्मा - एलआईसी
सफलता पर : साल 2015 में आईटी में इंजीनियरिंग करने के बाद सॉफ्टवेयर कंपनी जॉइन कर ली थी लेकिन कुछ महीने काम करने के बाद महसूस हुआ कि मैं जैसा काम करना चाहती हैं, यहां नहीं कर पाऊंगी। जॉब छोड़ी और कैट की तैयारी में जुट गई। अब मिले शानदार स्कोर को पहला एक चरण मानती हूं और बेहतर संस्था से एमबीए कर आगे बढ़ना चाहती हूं।
लक्ष्य : कॉरपोरेट लाइफ अट्रैक्ट करती है और खुद को इस क्षेत्र में स्थापित करना चाहती हूं।