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भाजपा की चुनावी बिसात, जिलों में पिछड़ों व दलितों की लामबंदी का ये है फॉर्मूला, इन्हें मिलेगी कमान
टीम डिजिटल, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 26 Sep 2018 01:22 PM IST
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लोकसभा चुनाव जीतने का तानाबाना बुन रही भगवा टोली जिलों में भी सियासी बिसात बिछाने में जुट गई है। भाजपा की जमीन मजबूत बनाने के लिए पिछड़े नेताओं की टोली को तैनात करने का फैसला किया गया है। ये टोलियां विधानसभा के हर क्षेत्र में होंगी। इसमें करीब 30-30 लोग शामिल होंगे। ये वही लोग होंगे जिन्हें लखनऊ में अलग-अलग जातियों के प्रतिनिधि सम्मेलनों में बुलाया गया था। इसके अलावा विभिन्न सम्मेलनों और कार्यक्रमों से भी पिछड़ों को जोड़कर सियासी बिसात मजबूत बनाने की रणनीति बनी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह।
- फोटो : amar ujala
भाजपा ने अगड़ों के साथ पिछड़ों और दलितों की लामबंदी का फॉर्मूला बनाया है। इसके लिए हर बूथ पर 51 प्रतिशत मत हासिल करने का लक्ष्य सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं को दिया गया है। हर विधानसभा क्षेत्र में पिछड़े वर्ग के 30-30 कार्यकर्ताओं की जो टीम रहेगी, वह क्षेत्र में पिछड़ी जातियों के बीच भाजपा की पकड़ मजबूत बनाने के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की तैयारी से लेकर उन्हें संपन्न कराने तक की जिम्मेदारी उठाएगी। प्रदेश में सामाजिक सम्मेलनों के आयोजन की मुख्य जिम्मेदारी संभालने वाले उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित पार्टी के पिछड़े वर्ग के अन्य नेताओं के जिलों में कार्यक्रम होंगे।
हमने काम किया है तो उसे बताएंगे भी
राजधानी में हुए इन सम्मेलनों के प्रति लोगों में रुचि को देखते हुए भाजपा के रणनीतिकार अब मंडल स्तर पर पिछड़े वर्ग के लोगों की छोटी-छोटी बैठकें करके उनके बीच पार्टी के पक्ष में माहौल बनाए रखना चाहते हैं। भाजपा ने जिलों में पिछड़ी जातियों में अलग-अलग क्षेत्रों में प्रभावी लोगों को अपने साथ जुटाकर वोटों का गणित दुरुस्त करने की रणनीति पर काम शुरू किया है।
राजधानी में हुए इन सम्मेलनों के प्रति लोगों में रुचि को देखते हुए भाजपा के रणनीतिकार अब मंडल स्तर पर पिछड़े वर्ग के लोगों की छोटी-छोटी बैठकें करके उनके बीच पार्टी के पक्ष में माहौल बनाए रखना चाहते हैं। भाजपा ने जिलों में पिछड़ी जातियों में अलग-अलग क्षेत्रों में प्रभावी लोगों को अपने साथ जुटाकर वोटों का गणित दुरुस्त करने की रणनीति पर काम शुरू किया है।
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बीजेपी
माइक्रो प्लानिंग में जुटे भगवा टोली के रणनीतिकारों ने जिला स्तर पर इनकी बड़ी बैठकें रखी हैं। इसमें प्रदेश के नेता भी जाएंगे। इसी के साथ वैचारिक स्तर पर पिछड़ों को प्रभावित करने वालों को भाजपा के पक्ष में करने पर भी भगवा टोली ने काम शुरू कर दिया है। खासतौर से युवा और पिछड़ी जातियों के शिक्षित युवकों को प्रभावित करने वालों के सम्मेलन कराए जाएंगे। इन सम्मेलनों में पिछड़ी जातियों के प्रोफेसर, लेखक, पत्रकार, वकील जैसे प्रबुद्ध लोगों को बुलाया जाएगा।
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BJP
भाजपा के प्रदेश मंत्री अमरपाल मौर्य का दावा है कि पिछड़ी जातियां काफी पहले से जनसंघ और भाजपा के साथ रही हैं। कुछ नेताओं ने इनमें से कुछ को निहित स्वार्थ में अपना वोट बैंक बनाने के लिए मुख्यधारा से अलग किया। इनके कल्याण के लिए भी कुछ नहीं किया। सिर्फ वोट लेते रहे। भाजपा की केंद्र और प्रदेश में सरकार आने केबाद पिछड़ों और गरीबों के लिए कई योजनाएं शुरू की गईं। इससे लोग हमारे साथ जुड़ रहे हैं। अगर हमने काम किया है तो उसे बताएंगे ही। अपने कामों से हम पिछड़ों को जोड़ रहे हैं। इस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।