लखनऊ के चौक में मुकुंद ज्वैलर्स पर धावा बोलकर 40 किलो सोना समेत 13.5 करोड़ का डाका डालने वाले सात बदमाशों में से एक को पहचान लिया गया है। उसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। उसके साथ ही बर्खास्त पुलिसकर्मियों के बारे में छानबीन की जा रही है। पुलिस व क्राइम ब्रांच ने विभिन्न इलाकों के सात संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। लूट में जेल की हवा खा चुके इन संदिग्धों को फुटेज दिखाकर डकैतों की पहचान कराने के प्रयास के साथ पूछताछ की जा रही है। डीजीपी जावीद अहमद ने डकैतों की जानकारी देने वाले को 50 हजार का इनाम देने का एलान किया है। सीसीटीवी फुटेज से तीन तस्वीरें तैयार कराकर जारी की गई हैं। साथ ही एसटीएफ को भी मामले के खुलासे के लिए लगाया गया है।
सबसे बड़ी डकैती में एक की पहचान, मिले कई अहम सुराग
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आईजी जोन ए. सतीश गणेश ने बताया कि मुकुंद ज्वैलर्स से लेकर विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने पर सात में एक डकैत को चिह्नित किया गया है। नीली जींस-क्रीम कलर की शर्ट व काली जैकेट पहने डकैत के कपड़ों के साथ हेलमेट के भीतर झलक रहा चेहरा एक बदमाश से मेल खा रहा है। पहले भी जेल जा चुके उस बदमाश की तलाश की जा रही है। उसके साथियों को चिह्नित करने के साथ अन्य बदमाशों की भी पहचान कराने की कोशिश की जा रही है। सर्विलांस सेल वारदात के दौरान इलाके में सक्रिय रहे मोबाइल नंबरों की छानबीन कर रही है।
बर्खास्त पुलिसकर्मियों की छानबीन
आईजी जोन ने बताया कि डकैतों के कद काठी को गंभीरता से लेते हुए बर्खास्त पुलिसकर्मियों के बारे में भी छानबीन कराई जा रही है। बहुचर्चित सोना लूटकांड व अन्य आपराधिक कृत्य में बर्खास्त पुलिसकर्मियों की गतिविधियों का ब्यौरा जुटाया जा रहा है। आसपास के जिलों में ज्वैलरी शॉप से लूटपाट में पकड़े गए बदमाशों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई है।
पेशेवर बदमाशों ने अंजाम दी वारदात
सराफा व्यवसायी प्रवीण रस्तोगी की मुकुंद ज्वैलर्स नामक शॉप के सीसीटीवी फुटेज की छानबीन से पता चला कि सात बदमाशों ने धावा बोला। एक ने प्रवीण और दूसरे ने मुनीम सीताराम की तरफ पिस्टल ताने। एक ने सफेद बोरा और दूसरे ने बैग खोला। दो बदमाशों ने तिजोरी से नगदी व गहने उठाकर बैग और बोरे में भरे। इस दौरान प्रवीण रस्तोगी व उनके बेटे जितांशु ने खासा विरोध किया लेकिन पिस्टल थामे बदमाशों ने प्रवीण के सिर पर बट से हमला और जितांशु के पैर पर गोली मारी। विरोध के बावजूद किसी को जान से मारने के इरादे से फायर न करने से जाहिर है कि डकैत नौसिखिए नहीं थे। फुटेज में नजर आए डकैतों की उम्र 35-40 वर्ष के बीच होने का अनुमान लगाया गया है।
नीलम ज्वैलर्स की तर्ज पर मुकुंद ज्वैलर्स पर वारदात
पुलिस ने ज्वैलरी शॉप पर हुई वारदातों का रिकॉर्ड खंगाला तो यह वारदात काफी कुछ गाजीपुर के मुलायमनगर में न्यू नीलम ज्वैलर्स पर डकैती से मेल खाता नजर आया। 12 जून 16 को सात बदमाशों ने दोपहर में नीलम ज्वैलर्स पर धावा बोला था। हेलमेट लगाए बदमाशों ने सराफा व्यवसायी राजेश रस्तोगी व नौकर अर्पित पर पिस्टल ताने। दोनों की तलाशी ली। अन्य ने शोकेस व काउंटर से नगदी व गहने साथ लाए थैले में भरे। सिर्फ चार मिनट में सधे अंदाज में वारदात अंजाम देकर भाग निकले। डकैतों का नौ महीने बाद भी कोई सुराग नहीं लगा है। मुकुंद ज्वैलर्स पर भी सात बदमाशों ने रविवार को डाका डाला। साथ लाए बोरे व बैग में नगदी और गहने भरे। दोनों दुकानों के सीसीटीवी फुटेज में नजर आए बदमाशों का हुलिया मेल खा रहा है।