लखनऊ के महानगर इलाके में इलेक्ट्रानिक्स गोदाम मे लगी आग से तबाही का मंजर देख के मालिक नीरज साहू व उनके कर्मचारी रो पड़े। त्यौहार पर उत्साह से काम में जुटे कर्मचारियों को रविवार शाम दिवाली के उपहार व इनाम मिलने का इंतजार था और मालिक ने भी उत्साहवर्द्घन की पूरी तैयारी की थी। सारी तैयारियां धरी रह गईं और अग्निकांड की दहशत में सभी की खुशियां खो गईं।
गौरतलब है कि महानगर के जे-पार्क के सामने साहू एजेंसी का इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स का गोदाम रविवार दोपहर धधक उठा। जिसमें तीन मंजिला गोदाम में फंसे 50 कर्मचारियों ने बमुश्किल पीछे के आपातकालीन गेट से बाहर निकले और अपनी जान बचाई। हादसे में करोड़ों रुपये का नुकसान लगाया जा रहा है। आग बुझाने के लिए जेसीबी से गोदाम की दीवार तोड़नी पड़ी।
गोदाम से आसमान छूता काला धुंआ व ऊंची उठती लपटें देखकर रो रहे नीरज साहू ने किसी तरह खुद को संभाला। सीएफओ व अन्य अधिकारियों से कहा कि टीवी, एलईडी टीवी, एसी, फ्रिज, कूलर व अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण बनाने वाली विभिन्न कंपनियां ले रखी हैं। अनेक दुकानदारों व छोटे डीलरों के माल की सप्लाई करते हैं।
दिवाली के मौके पर बिक्री बढ़ाने की वजह से खासा स्टॉक मंगाया था। नए व महंगे सामान से गोदाम भरा था। हमेशा की तरह इस बार भी कर्मचारियों को दिवाली के उपहार बांटने के लिए अच्छे काम पर पुरस्कृत करने की तैयारी थी।
दोपहर में चीख-पुकार मचने पर कर्मचारियों के साथ वह भी गोदाम से निकले। आग बुझाने में जुटे एजेंसी के कर्मचारियों की आंखें नम थीं। उन्होंने बताया कि दिवाली पर गोदाम में पूजा के बाद उन्हें छुट्टी मिल जाती है और उपहार लेकर घर लौटते थे।