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कमलेश तिवारी हत्याकांड में बड़ा खुलासा, कई राज्यों से जुड़े हैं साजिशकर्ताओं के तार
Tue, 22 Oct 2019 06:51 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Tue, 22 Oct 2019 06:51 PM IST
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kamlesh tiwari murder case
- फोटो : अमर उजाला/एएनआई
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हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड के तार देश के कई राज्यों से जुड़ रहे हैं। यूपी के डीजीपी और एटीएस गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और कर्नाटक के अधिकारियों व जांच एजेंसियों से लगातार संपर्क साधे हुए हैं। हत्याकांड से जुड़े एक संदिग्ध को महाराष्ट्र एटीएस ने नागपुर से गिरफ्तार किया है। उसे यूपी पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ ला रही है।
कमलेश तिवारी हत्याकांड।
- फोटो : amar ujala
कई राज्यों तक फैले तार से यह आशंका प्रबल हो गई है कि देश में कोई नया संगठन पैर पसार चुका है, जिसके नेटवर्क का लाभ हत्या में शामिल लोगों को मिल रहा है। प्रदेश के आला अफसर भी अब इस संभावना को नहीं नकार रहे हैं कि वारदात के तार किसी पूर्व स्थापित संगठन से जुड़े हों।
kamlesh tiwari murder case
- फोटो : अर्जुन साहू
ऐसे में जल्द ही इस मामले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी को संदर्भित किए जाने की संभावना बन गई है। सोमवार को कमलेश हत्याकांड के आतंकी वारदात होने के सवाल पर डीजीपी ओमप्रकाश सिंह ने भी कहा कि किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।गुजरात एटीएस ने अक्तूबर 2017 में आतंकी संगठन आईएसआईएस के संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ में ही आतंकियों द्वारा कमलेश की हत्या की साजिश की बात सामने आई थी।
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कमलेश तिवारी हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
कमलेश हत्याकांड में मिठाई के डिब्बे सूरत से खरीदे जाने की बात सामने आई तो इसके तार आईएसआईएस से जुड़े होने की चर्चा जोरों पर थी, पर उच्च्च अफसरों ने इस अंदेशो को नकार दिया था। अब हत्याकांड के तार अन्य राज्यों से जुड़ने के बाद इतना तो साफ हो गया है कि हत्यारों व साजिश में शामिल लोगों को अलग-अलग जगहों से मदद मिल रही थी।
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कमलेश तिवारी हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
हत्या के फरार आरोपियों को हर जगह से मिल रही मदद
जांच में सामने आ चुका है कि फरार आरोपी पठान मोइनुद्दीन अहमद व शेख अशफाक हुसैन जहां भी गए, वहां स्थानीय स्तर पर उन्हें मदद मिली है। ऐसे ही इसकी साजिश से जुड़े पाए जा रहे अन्य लोगों के विभिन्न राज्यों में संपर्क होने की बात भी पुष्ट हो चुकी है।
जांच में सामने आ चुका है कि फरार आरोपी पठान मोइनुद्दीन अहमद व शेख अशफाक हुसैन जहां भी गए, वहां स्थानीय स्तर पर उन्हें मदद मिली है। ऐसे ही इसकी साजिश से जुड़े पाए जा रहे अन्य लोगों के विभिन्न राज्यों में संपर्क होने की बात भी पुष्ट हो चुकी है।