फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

राम मंदिर के दान पर डाका: चंदे में चोरी के सुबूत, इन दो की भूमिका संदिग्ध, गवाहों ने खोली पोल; इन पर उठे सवाल

Sun, 21 Jun 2026 11:40 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Sharukh Khan Updated Sun, 21 Jun 2026 11:40 AM IST
सार

राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी के सुबूत मिले हैं। गोपाल राव और अनिल की भूमिका संदिग्ध मिली है। एसआईटी की प्रारंभिक जांच पूरी हो गई है। टीम सीएम को जल्द रिपोर्ट सौंपेगी। टिन्नू यादव और रकम पार करने वालों पर एफआईआर दर्ज हो सकती है।

विज्ञापन
Ayodhya Ram Mandir Donation scam Evidence of theft roles of Gopal Rai and Anil appear suspicious
Ayodhya Ram Mandir - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी के सुबूत मिले हैं। एसआईटी की प्रारंभिक जांच में ट्रस्ट के पदाधिकारी अनिल मिश्रा और निर्माण सहायक गोपाल राव की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। दान राशि की गणना करने वाले कर्मियों और बैंककर्मियों के साथ चंपत राय के करीबी टिन्नू यादव की भूमिका भी सामने आई है।


इसके अलावा दान राशि की गणना प्रक्रिया का निगरानी तंत्र पूरी तरह विफल रहा। छह दिन की जांच के बाद एसआईटी शनिवार को अयोध्या से लखनऊ लौट गई। जांच रिपोर्ट सोमवार को मुख्यमंत्री के सामने पेश की जा सकती है। इसके बाद दोषियों और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। टिन्नू, गणनाकर्मियों और कुछ बैंककर्मियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है। शासन के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट के पदाधिकारियों के जिला छोड़ने पर रोक लगा दी गई है।

Ayodhya Ram Mandir Donation scam Evidence of theft roles of Gopal Rai and Anil appear suspicious
अयोध्या का राम मंदिर। - फोटो : amar ujala
एसआईटी (विशेष जांच दल) की प्रारंभिक जांच में कुछ ऐसे तथ्य भी सामने आए हैं, जिससे महासचिव चंपत राय भी सवालों के घेरे में आ गए हैं। चढ़ाए गए जेवरात में बड़ी गड़बड़ी पाए जाने की बात सामने आई है। सोने, चांदी और हीरे जड़ित जेवरात का हिसाब-किताब ट्रस्ट के पदाधिकारी नहीं दे सके। एसआईटी ने करोड़ों की कीमत के जेवरात के हेरफेर की आशंका जताई है। छह जून को राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी का मामला सामने आया था।
 
Ayodhya Ram Mandir Donation scam Evidence of theft roles of Gopal Rai and Anil appear suspicious
राम मंदिर में प्रवेश करती एसआईटी की टीम
एक हफ्ते बाद 13 जून को ट्रस्ट ने एसआईटी से जांच कराने की मांग मुख्यमंत्री से की। उसी दिन मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया। 15 जून को एसआईटी अयोध्या पहुंची थी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Ayodhya Ram Mandir Donation scam Evidence of theft roles of Gopal Rai and Anil appear suspicious
जांच के लिए पहुंची एसआईटी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसआईटी में शामिल लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, लखनऊ रेंज आईजी किरन एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन ने मंदिर परिसर पहुंचकर तफ्तीश की। इस दौरान ट्रस्ट के पदाधिकारियों, बैंक अधिकारियों, गणना कर्मियों और संदिग्धों से लंबी पूछताछ की।

 
विज्ञापन
Ayodhya Ram Mandir Donation scam Evidence of theft roles of Gopal Rai and Anil appear suspicious
अयोध्या पहुंची एसआईटी। - फोटो : amar ujala
सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की जांच में दान राशि की लंबे समय से चोरी की पुष्टि हुई है। हालांकि अभी तक एसआईटी या शासन की तरफ से जांच रिपोर्ट को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। शासन के सूत्रों के मुताबिक एसआईटी अब तक की जांच रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में जुटी है।
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed