आदि वैध भगवान धन्वंतरि जयंती और साल का सबसे बड़ा त्योहारी दिन ‘धनत्रयोदशी’ 25 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इस बार शाम 4 बजकर 31 मिनट तक द्वादशी का मान होने से पूजन और शॉपिंग के उत्तम मुहूर्त शाम को ही मिल सकेेंगे। धनतेरस के साथ ही पांच दिवसीय दीपावली महोत्सव का आगाज होगा। आचार्य प्रदीप ने बताया कि 25 अक्टूबर को शाम 4:31 बजे से त्रयोदशी का मान शुरू होगा। ऐसे में भगवान धन्वंतरि की पूजा और शॉपिंग का उत्तम मुहूर्त शाम से ही मिलेंगे। घरों में गोधूलि बेला के अलावा शाम 6:35 बजे से रात 8:30 बजे तक पूजन किया जा सकता है।
धनतेरस 25 को, शुरू होगा दीपोत्सव का उल्लास, यहां देखें- पूजन और खरीदारी के उत्तम मुहूर्त
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इसी समय व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में भी पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा। शाम 4:31 बजे से शुरू होने वाली त्रयोदशी शनिवार को दोपहर 2:09 बजे तक रहेगी। इसी दिन आदि वैद्य भगवान धन्वंतरि की जयंती पर उनका पूजन कर निरोग रहने का आशीर्वाद भी लिया जाएगा। इस दिन दान करने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है।
भगवान धन्वंतरि जयंती को कामेश्वरी जयंती भी कहा जाता है। माना जाता है कि इस दिन पूजा करने से सारी कामनाएं पूरी होती हैं। पद्मपुराण के मुताबिक कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी ‘धनत्रयोदशी’ पर विष्णु-लक्ष्मी पूजन न करने वाले से लक्ष्मी कृपा दूर रहती है।
आचार्य प्रदीप के मुताबिक धनतेरस पर स्थिर और अस्थिर लग्नों को विचार कर खरीददारी करनी चाहिए।
- शाम 6:35 बजे से रात 8:30 बजे तक : प्रॉपर्टी, जमीन, जायदाद, मकान, दुकान, आभूषण, सोना, चांदी एवं अन्य कीमती धातु के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त।
- रात 8:30 बजे से रात 10:44 बजे तक : दोपहिया व चार पहिया वाहन, टीवी, फ्रिज, एसी, कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स सामान खरीद के लिए उत्तम मुहूर्त हैं।
- शाम 4:55 बजे से शाम 6:35 बजे तक : बर्तन, बहुमूल्य धातुओं के पात्र, वस्त्र, कपड़े, सजावटी, सौंदर्य आदि के सामान खरीदे जा सकते हैं।
शाम को पूजन और खरीददारी के उत्तम मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि धनतेरस के साथ ही पांच दिवसीय दीपावली महोत्सव की शुरुआत होगी। इस बार धनतेरस पर शुक्र प्रदोष, धनत्रयोदशी और ब्रह्म सिद्धि का महा संयोग बन रहा है। समुद्र मंथन के समय प्रगट हुए भगवान धन्वंतरि ने संसार को अमृत प्रदान किया था। पूजन और खरीददारी के लिए शाम 4:32 के बाद का समय अति शुभ है।