फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

अयोध्या में न कोई खौफ न संशय, युवा बोले- सियासी समीकरण साधने में तरक्की को नजर न लगे

Sat, 24 Nov 2018 11:42 AM IST
धीरेंद्र सिंह/अमर उजाला, अयोध्या
धीरेंद्र सिंह/अमर उजाला, अयोध्या Updated Sat, 24 Nov 2018 11:42 AM IST
विज्ञापन
atmosphere in ayodhya.
- फोटो : amar ujala

विश्व हिंदू परिषद की ओर से रविवार को आयोजित होने वाली धर्मसभा के लिए राम भक्तों की भारी भीड़ जुटी हुई है। धनुष-बाण लिए राम की फोटो रथ पर सजाकर भक्तों का आह्वान करते नारे और भजन शहर में गूंज रहे हैं। लेकिन शहरवासियों की दिनचर्या में कोई फर्क नहीं है। यहां के लोगों में न कोई खौफ और न ही कहीं कोई आशंका दिख रही है। आम दिनों की तरह ही रामनगरी अपनी पूरी लय में है। शहर के मुसलमानों को हर गली-मोहल्ले में हिंदू भाइयों का साथ मिल रहा है। यही कारण है कि सभी कारोबारी बेखौफ होकर अपने काम में लगे हुए हैं।



संत-महंतों के लिए खड़ाऊं और पोथी रखने की रेहल बनाने वाले मोहम्मद सलीम की दुकान पर शुक्रवार को भीड़ है, कोई भगवाधारी है तो कोई गृहस्थ। यहीं से हनुमानगढ़ी समेत कई मठ-मंदिरों के संत-धर्माचार्यों की खड़ाऊं जाती है। सरयू घाट से हनुमानगढ़ी के बीच लंबे रोड बाबूबाजार में आसपास सलीम के परिवार की छह दुकानें सजी हैं। सभी का पुश्तैनी काम खड़ाऊं बनाकर बेचना है।

atmosphere in ayodhya.
- फोटो : amar ujala

क्या माहौल है... सवाल सुनते ही तपाक से कहते हैं कोई बात नहीं है, बाहर से तो हजारों लोग रोज आते हैं। बस इस बार अंतर सिर्फ इतना है कि सियासी लोग भीड़ लेकर आ रहे हैं। तभी उनकी बेगम बिफर पड़ती हैं... हम तो बहू के साथ जा रहे हैं, आप रहिए...92 भूल गए क्या। सलीम हंसकर जवाब देते हैं कि कोई कहीं नहीं जाएगा, हिंदू भाई साथ हैं। देख नहीं रही हो कितनी अच्छी बिक्री हो रही है, कल-परसों भी दुकान खुलेगी। कमोवेश अयोध्या के हर मुस्लिम परिवार में कुछ ऐसा ही माहौल है।

atmosphere in ayodhya.
अयोध्या - फोटो : amar ujala

कटरा मोहल्ला से 22 वर्षीय मनीष केशरवानी और 50 वर्षीय मुख्तार अहमद साथ निकलते हैं। हनुमानगढ़ी के पास दंतधावन चौराहा पर मनीष की पान की दुकान है, कहते हैं कि कहीं कोई खौफ नहीं है, न कोई पलायन कर रहा है। दुकान खोलने हम सब तमाम दुकानदार साथ घर से निकले थे। मुख्तार की श्रृंगार हाट में सिलाई की दुकान है, कहते हैं कि बेटा आदिल फैजाबाद साहेबगंज में सिलाई का काम करता है, जबकि नूरी हाईस्कूल पास करके घर पर है। बाहर से आ रही भीड़ से डर जरूर है, जरूरी सामान भी खरीदकर रख लिए हैं, मगर घर नहीं छोड़ेंगे, दुकान भी कल परसों जरूर खुलेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
atmosphere in ayodhya.
- फोटो : amar ujala

मुस्लिम मोहल्ले की श्रृंगारहाट में 12 लोगों की दुकानें हैं। बेगमपुरा के रहमत महिलाओं को चूड़ी दिखाते हुए कहते हैं कि 1992 जैसी आशंका तो है, मगर उनके पुत्र वसीम समेत टेढ़ी बाजार के इम्तियाज, बेगमपुरा के कलीम व भोले प्रतिकार करते हैं। उनका कहना है माहौल ठीक है। सियासत के चक्कर में हम न दुकान बंद करेंगे, न अयोध्या छोड़ेंगे। हमारे मोहल्ले के हिंदू भाई और संत साथ हैं।

विज्ञापन
atmosphere in ayodhya.
- फोटो : amar ujala

बाबरी मस्जिद मामले के पक्षकार हाजी महबूब के घर टेंपो से कुछ महिलाएं जाती दिखीं तो किसी ने कहा, डर से पलायन हो रहा है, जवाब 12 साल के अनवर ने दिया। कहा शाहजहांपुर में शादी है, वहां जा जा रहे हैं, कोई डर या अफवाह नहीं है। मानस भवन निवासी साकेत पीजी कॉलेज में बीएससी नर्सिंग की छात्रा हिमांशी पांडेय कहती हैं कि घर वाले बाहर निकलने पर डरा रहे हैं, लेकिन माहौल तो ठीक है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed