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महीनों साथ रहने के बाद भी क्यों नहीं बन रहे इस जोड़े के संबंध!

Thu, 28 May 2015 11:51 AM IST
Updated Thu, 28 May 2015 11:51 AM IST
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महीनों साथ रहने के बाद भी क्यों नहीं बन रहे इस जोड़े के संबंध!

animals kept together for breeding in lucknow zoo

ये कपल कई महीनों से एक ही घर में रह रहा है। महीनों साथ रहने के बाद भी इनके संबंध ना बनाने की खबर से सभी परेशान है। लखनऊ जू में दुर्लभ प्रजाति के सिंह पूंछ बंदर का कुनबा बढ़ाने को लेकर चल रहे ब्रीडिंग प्रोग्राम के रिजल्ट का इंतजार अभी जारी है। दुर्लभ सिंह पूंछ बंदर की फैमिली प्लानिंग ने जू प्रशासन को परेशान कर दिया है।


महीनों साथ रहने के बाद भी क्यों नहीं बन रहे इस जोड़े के संबंध!

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4 मार्च को जू प्रशासन ने सिंह पूंछ बंदर मादा सिंधु और नर राजू को उनका कुनबा बढ़ाने के लिए एक-दूसरे बाड़े में शिफ्ट किया था ताकि वे वहां अलग से रह सकें और कुनबा बढ़ा सकें। इसके लिए उन्हें 500 मीटर दूर स्थित वानर वाटिका भी मुहैया कराई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।

महीनों साथ रहने के बाद भी क्यों नहीं बन रहे इस जोड़े के संबंध!

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कुनबा बढ़ाने के उद्देश्य से जू प्रशासन ने दोनों वन्यजीवों को प्रजनन के लिए अलग माहौल दिया। अन्य बाड़ों से इतर उन्हें अलग परिवेश दिया। महीनों से वे एक बाड़े में साथ रह रहे हैं, लेकिन कोई पाजिटिव रिजल्ट सामने नहीं आए हैं। लगता है जोड़े ने अभी कुनबा न बढ़ाने की ठान रखी है। इसी तरह लोमड़ी के बाड़े से भी अभी कोई खुशखबरी नहीं मिली है।

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बता दें, देश में बहुत ही दुर्लभ प्रजाति के इन सिंह पूंछ बंदरों की ब्रीडिंग अब तक चेन्नई जू में होती आ रही हैं। फिलहाल लखनऊ जू समूचे उत्तर भारत के प्राणि उद्यानों में एकमात्र ऐसा जू माना जा रहा है, जहां इनकी ब्रीडिंग के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

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लगभग दो हजार स्क्वायर फीट क्षेत्रफल में फैले लोमड़ी के बाड़े में भी किलकारी गूंजने का इंतजार है। करीब पांच मीटर गहरी सुरंगों में रहने वाली लोमड़ी की ब्रीडिंग के लिए करीब डेढ़ साल से प्रयास चल रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई नतीजे नहीं निकले हैं।

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