सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सेकुलर मोर्चा के गठन पर सधी हुई प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सेकुलर मोर्चे के गठन में हर्ज क्या है? एक सवाल के जवाब में इतना जरूर कहा कि जबसे राजनीति में आए हैं, आस्तीन के सांपों की पहचान हो गई है। पेश हैं उनसे बातचीत के अंश :
अखिलेश ने शिवपाल के सेकुलर मोर्चे पर दिए पांच सवालों के जवाब, देखें
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सवाल - इस मोर्चे को आप किस तरह देखते हैं?
जवाब- सेकुलर मोर्चा बन रहा है तो अच्छी बात है। देश में सेकुलर राजनीति का स्वागत होना चाहिए। एक और सेकुलर पार्टी बने तो क्या हर्ज है?
सवाल - क्या यह मोर्चा नेताजी (मुलायम सिंह यादव) का धोबीपाट है?
जवाब- तमाम लोग सपा को लेकर क्यों परेशान हैं ? दूसरों के घरों के बारे में भी तो कुछ बताइए।
सवाल - क्या सेकुलर मोर्चे का गठन नेताजी की विरासत के लिए हो रहा है?
जवाब- नेताजी मेरे पिता हैं और हमेशा रहेंगे। यह अधिकार हमसे कोई नहीं छीन सकता।
सवाल - सेकुलर कांग्रेस से भी आपका गठबंधन हुआ था लेकिन यह तो टूट गया?
जवाब - हो सकता है यह हमारी रणनीति का हिस्सा हो। निकाय चुनाव हम अलग-अलग लड़ेंगे। राहुल गांधी और हमारा गठबंधन, दो युवाओं का गठबंधन था। अलग-अलग चुनाव लड़ने के बावजूद हमारी दोस्ती कायम रहेगी।