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आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार की बच्ची को अखिलेश ने बेटी की तरह पाला, अब कन्यादान की तैयारी

Fri, 15 Nov 2019 04:12 PM IST
ishwar ashish ज्ञान सक्सेना/अमर उजाला, लखनऊ
ज्ञान सक्सेना/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 15 Nov 2019 04:12 PM IST
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akhilesh gave support to the family girl struggling with financial problems in lucknow
अखिलेश पत्नी शशि व बेटी बबीता के साथ - फोटो : अमर उजाला

बिटिया पैदा होने को अभिशाप मानने वालों के लिए लखनऊ के एक मध्यमवर्गीय परिवार ने अनूठी मिसाल कायम की है। इंदिरा नगर के एक दंपती ने आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक परिवार की 10 साल की बच्ची को अपनी बिटिया की तरह घर लाकर पाला, पोसा और पढ़ाया। वर्षों की परवरिश के बाद अब यह दंपती इस बिटिया का कन्यादान कर डोली में विदा करने की तैयारी कर रहा है।




 

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अखिलेश और उनका परिवार - फोटो : अमर उजाला

इंदिरा नगर के सेक्टर-21 में रहने वाले अखिलेश श्रीवास्तव स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं। मूल रूप से गोरखपुर से जुड़े अखिलेश के परिवार में माता, पिता, पत्नी और दो पुत्र हैं। वर्ष 2008 में अखिलेश की मुलाकात देवरिया के एक हैंडपंप मिस्त्री सुभाष से हुई। पुत्र पाने की चाह में परिवार में पांच पुत्री पहले ही जन्म ले चुकी थीं। आर्थिक तंगी में जीवन यापन करने वाले इस परिवार की चौथे नंबर की दस साल की बच्ची बबिता को अखिलेश के परिवार ने अपनी बेटी बनाने का फैसला किया।

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अखिलेश पत्नी शशि व बेटी बबीता के साथ - फोटो : अमर उजाला

अखिलेश ने अपनी पत्नी शशि व माता, पिता के सामने बच्ची बबीता को अपनी बिटिया बनाकर लालन पालन करने की इच्छा जताई। परिवार के सभी सदस्यों ने एकमत होकर अखिलेश का समर्थन किया। बच्ची के पिता सुभाष व माता राजमति से बातचीत कर सहमति से उसे अपने घर ले आए। उन्होंने अपने दोनों बेटों को समझाया कि भगवान ने तुम्हारी कलाई पर राखी बांधने के लिए एक नन्ही परी ने बहन दी है। इस तरह से दोनों बेटों को उनकी बहन मिल गई और अखिलेश व शशि को बेटी। बबिता को कभी महसूस नहीं होने दिया कि वह उनके घर की बेटी नहीं है। उसे बेटी की तरह ही पाला-पोसा और पढ़ाया।


 
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शादी का कार्ड - फोटो : अमर उजाला

28 को धूमधाम से होगी शादी  
अखिलेश बताते हैं कि पूरे परिवार ने बबीता की न सिर्फ लाड़-प्यार के साथ परवरिश की बल्कि पत्नी शशि ने एक जिम्मेदार मां की तरह घर गृहस्थी का पाठ पढ़ाकर उसे पाक कला में पारंगत भी बनाया। देखते ही देखते बिटिया कब शादी लायक हो गई, पता ही नहीं चला। बिटिया का कन्यादान कर डोली में बैठाने का अरमान भी इसी माह 28 नवंबर को पूरा होगा। भूतनाथ स्थित एक प्रतिष्ठान में कार्यरत इंदिरा नगर निवासी रंजन कुमार के साथ बबीता का विवाह पूरे रीति-रिवाज के साथ भारत जन ज्ञान विज्ञान समिति और राष्ट्रीय पुननिर्माण न्यास सेक्टर नौ के सभागार में होगा।


 
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बबीता - फोटो : अमर उजाला
अन्य बहनों की शादी में भी की मदद
अखिलेश बताते हैं कि परिवार के सभी रिश्तेदारों के साथ बबीता को जन्म देने वाले माता पिता सुभाष व राजमति सहित चारों बहनें व भाई भी वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। अखिलेश श्रीवास्तव बताते हैं कि उनका परिवार इससे पहले बबीता की तीन अन्य बहनों अंजनी, जूही व चंदा की शादी में भी हर संभव मदद कर चुका है। इतना ही नहीं तीनों बहनों के कन्यादान की रस्म भी उनकी बड़ी बहन दीपिका ने निभायी।
 
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