{"_id":"5b7fcd5342c79246400aa822","slug":"adulteration-in-foods-can-be-examined-easily-at-home","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"त्योहार आते ही तेज हुआ दूध, तेल और मसालों में मिलावट का खेल, आप खुद जांच कर ऐसे पकड़िए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
त्योहार आते ही तेज हुआ दूध, तेल और मसालों में मिलावट का खेल, आप खुद जांच कर ऐसे पकड़िए
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 24 Aug 2018 02:53 PM IST
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रक्षाबंधन और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दूध, घी, तेल और सब्जी मसालों की बढ़ती मांग का फायदा उठाते हुए धंधेबाज खतरनाक रसायन की मिलावट कर मुनाफा कमा रहे हैं। सेहत को नुकसान पहुंचाने वाली इस मिलावट से बचने का बेहतर तरीका यही है कि हम खुद घर पर जांच कर लें कि खाद्य सामग्री शुद्ध है या नहीं। कैसे होती है मिलावट और कैसे इसे पहचाना जाए, पढ़ें यहां-
refine oil
घी और तेल में सबसे ज्यादा मिलावट
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके मिश्रा बताते हैं कि सरसों तेल, वनस्पति और रिफाइंड में सबसे ज्यादा मिलावट होती है। सरसों तेल में जहां राइसब्रान (चावल की भूसी), औद्योगिक पॉम ऑयल के साथ जानलेवा आर्जीमोन, बटर यलो और इंडस्ट्रियल कलर तक का इस्तेमाल होता है, वहीं वनस्पति घी में चर्बी और ब्यूट्रिक एसिड और रिफाइंड में ब्लेंडिंग ऑयल की मिलावट होती है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके मिश्रा बताते हैं कि सरसों तेल, वनस्पति और रिफाइंड में सबसे ज्यादा मिलावट होती है। सरसों तेल में जहां राइसब्रान (चावल की भूसी), औद्योगिक पॉम ऑयल के साथ जानलेवा आर्जीमोन, बटर यलो और इंडस्ट्रियल कलर तक का इस्तेमाल होता है, वहीं वनस्पति घी में चर्बी और ब्यूट्रिक एसिड और रिफाइंड में ब्लेंडिंग ऑयल की मिलावट होती है।
सरसों का तेल
ऐसे पकड़ें मिलावट
- सरसों तेल को हाइड्रो क्लोरिक एसिड (एचसीएल) में डालकर हिलाने पर रंग नीचे बैठ जाता है। अगर गंध ज्यादा आ रही है तो समझ जाएं कि इसे असली सरसों तेल जैसा दिखाने के लिए एसिड मिलाया गया है। तेल में राइसब्रान की मिलावट इसकी ऊपरी परत पर हल्का सा जमाव दिखाने लगती है। तीन घंटे फ्रीजर में रखकर बाहर निकालने पर इसमें सफेद दाने से दिखने लगे तो तेल मिलावटी होगा।
- सरसों तेल को हाइड्रो क्लोरिक एसिड (एचसीएल) में डालकर हिलाने पर रंग नीचे बैठ जाता है। अगर गंध ज्यादा आ रही है तो समझ जाएं कि इसे असली सरसों तेल जैसा दिखाने के लिए एसिड मिलाया गया है। तेल में राइसब्रान की मिलावट इसकी ऊपरी परत पर हल्का सा जमाव दिखाने लगती है। तीन घंटे फ्रीजर में रखकर बाहर निकालने पर इसमें सफेद दाने से दिखने लगे तो तेल मिलावटी होगा।
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ghee
घी को ऐसे पहचानें
- पांच एमएल घी और पांच एमएल एचसीएल मिलाकर हिलाने के बाद दो बूंद फरफुऑयल डालें। रंग लाल हो जाए तो समझ जाएं कि डालडा मिलाया गया है। चर्बी की पहचान घर पर जांच में संभव नहीं।
- वनस्पति घी हाथ पर रगड़ने से शरीर की गर्मी से पिघल जाए तो यह शुद्ध है। अगर दानेदार रहे और न पिघले तो मिलावटी।
- पांच एमएल घी और पांच एमएल एचसीएल मिलाकर हिलाने के बाद दो बूंद फरफुऑयल डालें। रंग लाल हो जाए तो समझ जाएं कि डालडा मिलाया गया है। चर्बी की पहचान घर पर जांच में संभव नहीं।
- वनस्पति घी हाथ पर रगड़ने से शरीर की गर्मी से पिघल जाए तो यह शुद्ध है। अगर दानेदार रहे और न पिघले तो मिलावटी।
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दूध से मलाई की चोरी से मोटा मुनाफा : मिलावटखोर दूध की मोटी मलाई निकालकर उसमें कार्बोनेट (खाने का सोडा), फार्मलीन, यूरिया और खराब मिल्क पाउडर और पानी मिलाकर बेचते हैं।
ऐसे पकड़ें चोरी : दूध का अपना घनत्व होता है। शुद्ध दूध में अंगुली डालने पर वह इसमें चिपका रहेगा, जबकि पानी मिला दूध नहीं चिपकेगा। इसी तरह गर्म कर रैजोलिक एसिड डालने पर दूध का रंग लाल होने लगे तो समझें इसमें फार्मेलिन की मिलावट है। दूध में यूरिया, कार्बोनेट की पहचान लैब टेस्टिंग में ही संभव है।
ऐसे पकड़ें चोरी : दूध का अपना घनत्व होता है। शुद्ध दूध में अंगुली डालने पर वह इसमें चिपका रहेगा, जबकि पानी मिला दूध नहीं चिपकेगा। इसी तरह गर्म कर रैजोलिक एसिड डालने पर दूध का रंग लाल होने लगे तो समझें इसमें फार्मेलिन की मिलावट है। दूध में यूरिया, कार्बोनेट की पहचान लैब टेस्टिंग में ही संभव है।