घर में एसी, कूलर या पंखा गड़बड़ हो गया हो, बाथरूम का नल खराब हो गया हो, कहीं शॉर्ट सर्किट से बिजली कनेक्शन बाधित हो रहा हो, कुर्सी, टेबल, वार्डरोब वगैरह कोई फर्नीचर बनवानी या मरम्मत करवानी हो....या फिर रोजाना की ऐसी ही अन्य जरूरतें हों, आपको मैकेनिक, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, कारपेंटर वगैरह को बुलाना पड़ता है। आप नंबर डायल करते हैं और कुछ ही देर में वे सेवा में हाजिर हो जाते हैं। एक तरह से ये हमारी जरूरत का हिस्सा बन चुके हैं और इनके बिना हम परेशान हो सकते हैं। क्या आपने कभी ये सोचा है कि कोरोना संकट के बीच इन सेवाओं पर क्या प्रभाव पड़ा है? पहले जहां हम इन्हें बेधड़क, बेझिझक बुला लेते थे, उसी तरह क्या अब भी बुला पाएंगे? या फिर इस कोरोना काल में हम इन्हें बुलाने से बचेंगे? इतना तो तय है कि हमारी झिझक बनी रहेगी और हमें डर तो लगा ही रहेगा! अगर बुलाएंगे तो किन बातों का ध्यान रखना जरूरी होगा?
कोरोना इफेक्ट: इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, कारपेंटर वगैरह....क्या पहले की तरह घर पर बुलाएंगे लोग?
मकान-दुकान निर्माण करवाना हो या फिर घर पेंट करवाना, ये चीजें तो कुछ समय के लिए टाली जा सकती है, लेकिन जिन जरूरतों की चर्चा की गई है, उनके लिए तो तत्काल मैकेनिक, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, कारपेंटर वगैरह की जरूरत पड़ती हैं। आप ही सोचें कि गर्मी इतनी बढ़ रही है तो कूलर, एसी वगैरह ठीक तो करवाना ही होगा। बिजली कनेक्शन बाधित होने या नल खराब हो जाने जैसी दिक्कतें हम भला कितने दिन झेल पाएंगे! ऐसे में इनकी जरूरत तो पड़ेगी ही। लॉकडाउन के पहले, दूसरे चरण में ज्यादा सख्ती के कारण हमें दिक्कतें झेलनी पड़ी, लेकिन तीसरे चरण से कुछ हद तक राहत दी गई और चौथे चरण में शर्तों के साथ आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं।
पहले जहां मैकेनिक, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, कारपेंटर वगैरह को हम अपने कॉन्टैक्ट के जरिए अलग-अलग बुलाते थे, वहीं पिछले पांच-छह वर्षों में इनका तरीका बदला है। अब एक कॉमन कॉल पर ये हमारे घर पर उपलब्ध होते हैं। होम सर्विस, सेवा आपके द्वार, वन कॉल सॉल्यूशन जैसे अलग-अलग टैग से शहरों में इन सेवाओं का चलन काफी बढ़ा है। उदाहरण के तौर पर बात करें तो तीन साल से टॉप्स ग्रुप मुंबई, दिल्ली जैसे शहरों में 'चीप एप' के जरिए एक कॉल पर ये सेवाएं उपलब्ध करा रही है। छोटे-बड़े शहरों में ऐसी ढेर सारी कंपनियां ऑनलाइन सेवाएं दे रही है। लेकिन सवाल वही है कि क्या अब भी लोग पहले की ही तरह इन्हें घर पर बुलाएंगे?
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बावजूद लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर और इस तरह का काम करने वाले अन्य मैकेनिकों को घर आकर रिपेयर करने की छूट दी है। वहीं, एसी, कूलर, पंखों की रिपेयरिग दुकानों को भी कामकाज में ढील दी गई है। कई बड़े शहरों में न केवल प्रशासन को बल्कि आम लोगों को भी डर है कि एसी-कूलर मैकेनिक, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर आदि कहीं कोरोना का संक्रमण ना फैला दें। लोग चिंतित हैं कि क्या पहले की ही तरह इन्हें घर पर बुलाना सुरक्षित रहेगा? अगर हां तो क्या सावधानियां बरतनी जरूरी है?
इस बारे में वायरल संक्रमण स्पेशलिस्ट डॉ. प्रवीण सिन्हा से हमने बात की तो उन्होंने कुछ सावधानियां बरतने की बात कही। डॉ. सिन्हा ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देश के अनुसार, सोशल डिस्टेंसिंग, फेस मास्क और साफ-सफाई बरतनी जरूरी है। प्लंबर, मैकेनिकों के साथ भी ये सावधानियां बरतनी है। उनके पास फेस मास्क, दस्ताने, पैरों पर कवर जूते होने चाहिए। इसके अलावा उन्हें संक्रमण फैलने के तमाम तरीकों के बारे में जानकारी हो, अगर न हो तो आप उन्हें बताएं।