मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियां हर साल बड़ी संख्या में लोगों की मौत का कारण बनती हैं। भारत में अगस्त से अक्तूबर के महीनों में डेंगू-मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले काफी बढ़ जाते हैं, ये मानसून और बारिश के बाद वाला समय होता है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर सहित देश के कई हिस्सों में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। दिल्ली में अगस्त के अंत तक डेंगू के 311 से ज्यादा मामले रिपोर्ट किए गए।
जानना जरूरी: डेंगू का मच्छर कब ज्यादा काटता है? बीमारी से बचने के लिए तुरंत करें ये जरूरी काम
डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर सुबह और शाम ज्यादा सक्रिय रहता है। घर के आसपास जमा पानी इसके पनपने की बड़ी वजह है। पूरे दिन मच्छर से बचाव, शरीर ढकना, मच्छर भगाने वाली दवा और जमा पानी खत्म करना डेंगू से बचाव के जरूरी तरीके हैं।
डेंगू को लेकर विशेषज्ञों ने किया अलर्ट
डेंगू संक्रमित एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलने वाला वायरल संक्रमण है। एडीज मच्छर इंसानों के आसपास रहना पसंद करता है और घर के अंदर भी पाए जाते हैं। बाल्टी-गमला, कूलर, टंकी, पशुओं के पानी के बर्तन या ऐसी कोई भी जगह जहां थोड़ी मात्रा में पानी जमा हो, इसके पनपने की जगह बन सकती है।
- गंभीर स्थितियों में डेंगू शरीर के अंदर गंभीर रक्तस्राव, ब्लड प्रेशर बहुत लो होने और सदमे की स्थिति पैदा कर सकता है। इससे जान जाने का भी खतरा हो सकता है।
डेंगू का मच्छर कब सबसे ज्यादा काटता है?
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि डेंगू फैलाने वाले एडीज एजिप्टी मच्छर दिन के समय या शाम में ज्यादा सक्रिय रहते हैं।इसलिए सुबह उठने के बाद और शाम के समय विशेष सावधानी जरूरी है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि बाकी समय खतरा नहीं है। एडीज मच्छर दिन और रात दोनों समय काट सकता है।
- एडीज मच्छर की जैविक गतिविधि ऐसी होती है कि उसकी काटने की प्रवृत्ति सुबह और शाम के आसपास बढ़ जाती है।
- यह दूसरे कई मच्छरों से अलग है, जो मुख्य रूप से रात में सक्रिय होते हैं।
- एडीज मच्छर इंसानों के आसपास रहने के लिए अच्छी तरह अनुकूलित है और घरों तथा आसपास के छोटे पानी के स्रोतों में पनप सकता है।
डेंगू से बचने के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डेंगू से बचने के लिए सुबह और शाम के समय ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। रात के समय मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों का खतरा अधिक होता है। इसलिए मच्छरों से बचाव को लेकर हमेशा सावधान रहने की जरूरत है।
- शरीर को ढकने वाले ढीले कपड़े पहनें और जरूरत के अनुसार मच्छर भगाने वाली दवा का इस्तेमाल करें।
- खिड़की-दरवाजों पर जाली लगाना भी मददगार हो सकता है।
- जिन जगहों पर मच्छर अधिक हों, वहां सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
अगर डेंगू के मौसम में तेज बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मतली या त्वचा पर दाने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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