रसोईघर किसी भी घर का महत्वपूर्ण स्थान होता है। इसका महत्व किसी गृहणी से बेहतर कौन जान सकता है। जिस स्थान पर बने भोजन में ‘रस’ आए, उसे रसोई कहते हैं। ऐसे में रसोई को सजाना स्वयं में महत्वपूर्ण कार्य हो जाता है। यहां हम बात कर रहे हैं, रसोई को कैसे सजाया और संवारा जाए, जिससे आपका मन भोजन पकाने में लगे और स्वादिष्ट भोजन परिवार को मिल सके। रसोई किसी भी घर की आत्मा होती है। इसलिए इसे सुंदर और व्यवस्थित होना बहुत जरूरी है...
खाने में ‘रस’ चाहिए, तो रसोई संवारें
वास्तु के अनुसार रसोई
किसी भी घर में रसोईघर कहां बनाया जाए, यह भी बहुत महत्वपूर्ण विषय होता है। वास्तु के अनुसार रसोई का घर के दक्षिण-पूर्व दिशा में होना अच्छा होता है। साथ ही रसोईघर में खिड़की अवश्य होनी चाहिए। इन दिनों रसोई में एलपीजी और पीएनजी कनेक्शन के माध्यम से ईंधन की आपूर्ति होती है, ऐसे में रसोईघर का एक सिरा घर के बाहर की ओर जरूर खोलना चाहिए।
भंडारण के लिए अलमारी
अलमारियां किसी भी रसोईघर की बुनियादी जरूरत होती हैं। कुछ साल पहले तक कंक्रीट के स्लैब डालकर उनमें अलमारियां बनाई जाती थीं, लेकिन आज प्लाईबोर्ड या मोल्डेड फाइबर से किचिन तैयार किया जाता है। ये आकर्षक अलमारियां या कैबिनेट ही किचन की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं।
लकड़ी
लकड़ी हमेशा से भारतीय घरों का मूल रही है। घरों में दरवाजे और खिड़कियां लकड़ी के डिजाइन में बने होते हैं। ऐसे में इनसे मिलते-जुलते डिजाइन में दीवार के ऊपरी हिस्सों और काउंटर के नीचे के हिस्से में लकड़ी से छोटा कैबिनेट बनाकर रसाई के सामान को व्यवस्थित कर सकती हैं।
कंट्रास्ट पैटर्न
हल्के और गहरे रंगों के विरोधाभासी पैटर्न्स की किचन को सजाने में अहम भूमिका होती है। इससे कैबिनेट या अलमारी की दीवारों को दो विपरीत रंगों से बनवाकर रसोईघर को आकर्षक और खूबसूरत बना सकती हैं।