दुनियाभर में पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से जारी कोरोना ने सबकुछ अव्यवस्थित कर दिया है। पढ़ाई से लेकर कामकाज, व्यापार से लेकर नौकरी तक कोरोना ने हर क्षेत्र को प्रभावित किया है। कोरोना संक्रमण के चलते महामारी की शुरुआत से ही मास्क पहनना हमारी आदत में शामिल हो गया है। इतने समय बीत जाने के बाद अब सभी लोगों के मन में बस एक सवाल है, आखिर कोरोना कब खत्म होगा और इस मास्क से कब छुटकारा मिलेगा?
कोरोना से जंग: आखिर कब तक मास्क लगाकर रखने की होगी जरूरत? डॉ वीके पॉल ने किया स्पष्ट
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क्या कहते हैं नीति आयोग के सदस्य?
डॉ वीके पॉल कहते हैं, कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए सभी लोगों को मास्क जरूरी है। जिस तरह से कोरोना के नए वैरिएंट्स सामने आ रहे हैं और तीसरी लहर का खतरा बरकरार है, ऐसे में कोविड से बचाव के उपायों का पालन करते रहना कम से कम अगले साल तक जारी रखना होगा। कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई के लिए टीकों और प्रभावी दवाओं के साथ अनुशासित सामाजिक व्यवहार की आवश्यकता होती है। फिलहाल देश में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर आशंका जताई जा रही है, जिससे बचाव करना आवश्यक है।
क्या तीसरी लहर आएगी?
देश में तीसरी लहर की आशंका को लेकर एक सवाल के जवाब में डॉ पॉल कहते हैं, जिस तरह से दुनियाभर में कोरोना के हालात हैं, उसे देखते हुए तीसरी लहर के खतरे से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस लिहाजे से अगले तीन-चार महीने बहुत महत्वपूर्ण होंगे। देशभर में टीकाकरण की रफ्तार को तेज कर दिया गया है ताकि जल्द से जल्द सभी लोगों को वैक्सीन देकर हर्ड इम्युनिटी तैयार की जा सके। डॉ पॉल कहते हैं, कोरोना से सुरक्षित रहने के लिए सभी लोगों की विशेष भूमिका है, हम अपनी रक्षा करेंगे तभी पूरे देश में इस प्रकोप को कम किया जा सकेगा।
डॉ पॉल कहते हैं, देश में अब त्योहारों का मौसम शुरू हो रहा है। इस दौरान की गई जरा सी भी लापरवाही भयानक साबित हो सकती है। त्योहारों के मौसम में हमें और भी सतर्क रहने की आवश्यकता होगी, वरना संक्रमण का व्यापक प्रसार हो सकता है। हम एक बेहद चुनौतीपूर्ण समय से गुजर रहे हैं, त्योहारों के मौसम में कोरोना का खतरा न बढ़ने पाए इसके लिए समय से दिशानिर्देश लागू किए जाने चाहिए। प्रशासन अगर समय पर हस्तक्षेप करे तो बीमारी के गंभीर प्रकोप को रोकने में मदद मिल सकती है। प्रशासन और नियमों के अलावा हमारी खुद की भी जिम्मेदारी है कि त्योहार की खुशियों में हम एक पल के लिए भी कोरोना के खतरे को न भूलें।
तीसरी लहर की गंभीरता को कम करने की जिम्मेदारी हम सब की
कोरोना के खतरे को देखते हुए डॉ पॉल कहते हैं, वैक्सीन हमें बीमारी के खतरे से बचा सकती है, पर संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए हमें लगातार कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करते रहना होगा। बाहर जाते समय डबल मास्क, हाथों की स्वच्छता और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना सभी लोगों के लिए हर समय आवश्यक है। जिन लोगों ने वैक्सीन की दोनों डोज ले ली है, उनके लिए भी इन उपायों को करना जरूरी है। अगर तीसरी लहर आती है तो यह गंभीर रूप न लेने पाए, इसके लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। सभी लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीन की दोनों डोज ले लेनी चाहिए।
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नोट: यह लेख नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।