स्क्रीन टाइम बढ़ने को स्वास्थ्य विशेषज्ञ कई प्रकार से हमारी सेहत के लिए हानिकारक दुष्प्रभावों वाला मानते हैं। स्क्रीन टाइम बढ़ने का मतलब- मोबाइल, कंप्यूटर या टीवी जैसी स्क्रीन को देखते समय बिताया जाने वाला अधिक समय होता है। यह न सिर्फ आंखों के लिए नुकसानदायक है साथ ही अध्ययनों में पाया गया है कि जिन लोगों को स्क्रीन टाइम अधिक है, उनमें मस्तिष्क से संबंधित समस्या, मोटापा और कई तरह की अन्य क्रोनिक बीमारियों का खतरा अधिक हो सकता है।
Health Alert: ऐसे जानें, बढ़ तो नहीं गया है आपका स्क्रीन टाइम? यह आंखों ही नहीं पूरे शरीर के लिए नुकसानदायक
स्क्रीन टाइम बढ़ने के कई नुकसान
अमर उजाला से बातचीत में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ विनीत सहगल कहते हैं, वैश्विक स्तर पर बढ़ती आंखों की कई बीमारियों जैसे मायोपिया, ड्राई आइज, विजन सिंड्रोम आदि के लिए स्क्रीन टाइम बढ़ने को प्रमुख जोखिम कारक माना जाता रहा है। स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी को आंखों की सेहत के लिए बहुत खतरनाक माना जाता है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह भी है कि स्क्रीन टाइम आंखों की समस्याओं के साथ शारीरिक निष्क्रियता और इसके कारण होने वाले मोटापे, नींद विकार, मस्तिष्क से संबंधी समस्याओं को भी बढ़ा रही है।
आइए जानते हैं कि कैसे पता कर सकते हैं कि कहीं आपका भी स्क्रीन टाइम बढ़ तो नहीं गया है? अगर ये लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत सावधान हो जाएं।
आंखों से संबंधित दिक्कतें
स्क्रीन टाइम बढ़ने का सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव आंखों की सेहत पर होता है। बच्चों में चश्मा लगने का एक कारण इसे भी माना जाता है। यदि आपको दूर की वस्तुएं धुंधली दिखाई दे रही हैं, स्पष्ट रूप से देखने के लिए पलकों को तिरछा करने या आंखों को हल्का सा बंद करने की जरूरत होती है, अक्सर सिरदर्द या आंख पर जोर महसूस होता रहता है तो आपको तुरंत स्क्रीन्स से दूरी बना लेनी चाहिए। ये मायोपिया के शुरुआती संकेत हो सकते हैं इसका तुरंत उपचार किया जाना चाहिए।
नींद न आने या बार-बार टूटने की समस्या
अध्ययनों से पता चलता है कि स्क्रीन टाइम बढ़ने की स्थिति में आपको नींद न आने की समस्याएं हो सकती हैं। ज्यादा स्क्रीन देखते रहने से नींद के लिए आवश्यक मेलाटोनिन हार्मोन का स्तर प्रभावित हो सकता है, जिससे या तो आपको अच्छी नींद नहीं आती या फिर बार-बार नींद टूटने की समस्या हो सकती है। अगर आप भी कुछ दिनों से नींद विकारों का अनुभव कर रहे हैं तो सोने से कम से कम एक घंटा पहले सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बंद करें।
वजन बढ़ने का दिक्कत
स्क्रीन टाइम आपके वजन को बढ़ाने का भी कारण बन सकती है। स्क्रीन पर अधिक समय बिताने के कारण आपकी शारीरिक निष्क्रियता काफी कम होने लगती है जिससे कैलोरी बर्न कम हो जाती है और वजन बढ़ने लग सकता है। वजन बढ़ने को कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं जैसे हृदय रोग, डायबिटीज जैसी क्रोनिक बीमारियों को बढ़ाने वाला माना जाता है। बच्चों के अधिक मोबाइल के इस्तेमाल के कारण उनमें यह जोखिम अधिक देखा जा रहा है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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