Medically Reviewed by Dr. Sanjeev Suri
हाइपरटेंशन एक आम, लेकिन गंभीर बीमारी है। इसे उच्च रक्तचाप के नाम से भी जाना जाता है। दुनियाभर में इस बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। द लैंसेट पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, दुनियाभर में उच्च रक्तचाप से पीड़ित वयस्कों की संख्या पिछले 30 सालों में दोगुनी हो गई है और इनमें से अधिकांश मरीज निम्न और मध्यम आय वाले देशों के हैं। शोधकर्ताओं की अंतरराष्ट्रीय टीम ने तीन दशकों में 184 देशों में 30-79 साल की उम्र के 10 करोड़ से अधिक लोगों के रक्तचाप माप का विश्लेषण किया और उन्होंने पाया कि उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों की संख्या 1990 में करीब छह करोड़ 48 लाख थी, जो 2019 में बढ़कर दोगुनी हो गई है। इसमें सबसे बड़ी दिक्कत ये थी कि दुनियाभर में उच्च रक्तचाप से पीड़ित लगभग आधे लोगों को तो पता ही नहीं था कि वो हाई बीपी से ग्रस्त हैं। यही वजह है कि उच्च रक्तचाप को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है।
अलर्ट: दुनिया में तेजी से बढ़ रही हाइपरटेंशन की बीमारी, ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सावधान
अध्ययन के मुताबिक, उच्च रक्तचाप हर साल दुनियाभर में 85 लाख से भी अधिक मौतों का कारण बनता है। यह स्ट्रोक, हृदय संबंधी रोग और किडनी की बीमारी का प्रमुख जोखिम कारक है। शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर रक्तचाप को नियंत्रण में रखा जाए, तो स्ट्रोक की संख्या में 35-40 फीसदी, दिल के दौरे में 20-25 फीसदी और हृदय गति रुकने की संख्या लगभग 50 फीसदी तक कम हो सकती है।
हाइपरटेंशन का कारण क्या है?
- हाइपरटेंशन का मुख्य कारण स्ट्रेस (तनाव) और अनियंत्रित खानपान होता है। इसके अलावा मोटापा, नींद की कमी, अधिक गुस्सा करना और तैलीय पदार्थों का अधिक सेवन भी इसके कुछ अन्य कारण हैं। इसलिए यह जरूरी है कि आप अपने खानपान पर ध्यान दें, पूरी नींद लें और वजन को नियंत्रण में रखें।
हाइपरटेंशन के लक्षण क्या हैं?
- सिर दर्द, सिर चकराना
- थकान और सुस्ती लगना
- नींद न आना
- दिल की धड़कन बढ़ जाना
- सीने में दर्द
- सांसें तेज चलना या सांस लेने में तकलीफ होना
- आंखों से धुंधला दिखना
हाइपरटेंशन से बचाव के उपाय क्या हैं?
- नियमित रूप से व्यायाम और योगा करें
- अधिक नमक के सेवन से बचें
- धूम्रपान और शराब का सेवन बिल्कुल न करें
- नियमित रूप से अपने रक्तचाप की जांच करवाएं
- जिनकी उम्र 20 या 40 से अधिक है, उनको साल में एक बार रक्तचाप की जांच जरूर करवा लेनी चाहिए
स्रोत और संदर्भ:
Worldwide trends in hypertension prevalence and progress in treatment and control from 1990 to 2019: a pooled analysis of 1201 population-representative studies with 104 million participants
https://www.thelancet.com/journals/lancet/article/PIIS0140-6736(21)01330-1/fulltext
अस्वीकरण नोट: यह लेख लैंसेट पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन और डॉक्टर संजीव सूरी से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।