टाइप-2 डायबिटीज वैश्विक स्तर पर बढ़ती गंभीर समस्या है, साल 2021 में दुनियाभर में 529 मिलियन (करीब 53 करोड़) लोगों को इस क्रोनिक बीमारी का शिकार पाया गया था। शोधकर्ताओं ने चिंता जताते हुए कहा है कि जिस गति से डायबिटीज के मामले बढ़ रहे हैं ऐसे में आशंका है कि अगले 25-30 वर्षों में साल 2050 तक यह आंकड़ा बढ़कर 1.3 बिलियन (130 करोड़) से अधिक हो सकता है।
Study: इस चाय को टाइप-2 डायबिटीज में पाया गया कारगर, कुछ ही दिनों में कम होने लगता है शुगर लेवल
कोम्बुचा टी से डायबिटीज में लाभ
जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन से पता चलता है कि टाइप-2 डायबिटीज वाले जिन लोगों ने एक महीने तक किण्वित कोम्बुचा टी का सेवन किया, उनके रक्त शर्करा के स्तर में काफी बेहतर तरीके से कंट्रोल देखा गया। कोम्बुचा, बैक्टीरिया और यीस्ट से तैयार की गई टी है। चीन में 200 ईसा पूर्व से इसको इस्तेमाल में लिया जा रहा है, चीन की पारंपरिक चिकित्सा में भी इसको प्रयोग में लाया जाता रहा है।
बेहतर तरीके से कंट्रोल हो सकता है शुगर लेवल
फ्रंटियर्स इन न्यूट्रिशन जर्नल में सोमवार को प्रकाशित इस अध्ययन में चार सप्ताह तक 12 लोगों पर अध्ययन किया गया। जिन लोगों ने प्रतिदिन करीब 220 ग्राम की मात्रा में कोम्बुचा टी का सेवन किया, उनमें ब्लड शुगर का स्तर बेहतर तरीके से कंट्रोल देखा गया। इस अधययन में शामिल लोगों की औसत आयु 57 थी, इनमें से नौ लोग इंसुलिन थेरेपी वाली भी थे।
शोधकर्ताओं ने पाया कि इस टी का सेवन करने वालों में डायबिटीज की समस्या और इसकी जटिलताओं का खतरा कम था।
फास्टिंग शुगर कंट्रोल में देखे गए इसके लाभ
अध्ययन के विश्लेषण में पाया गया कि जिन लोगों ने शोध की अवधि के दौरान इस टी का सेवन किया, उनका फास्टिंग शुगर लेवल 164 मिलीग्राम से घटकर 116 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर हो गया। विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित शोध के सारांश के अनुसार, अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन भोजन से पहले रक्त शर्करा के स्तर को 70 से 130 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर के बीच रखने की सलाह देता है। ऐसे में इस टी के सेवन के माध्यम से आसानी से ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल करने में लाभ मिल सकता है।
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
शोधकर्ता डैन मेरेंस्टीन कहते हैं, अभी इसकी प्रमाणिकता के लिए और अधिक अध्ययनों की आवश्यकता है, पर अब तक के परिणाम काफी आशाजनक रहे हैं। हम आगे इस बारे में और विस्तार से समझने के लिए प्रयास कर रहे हैं। चूंकि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में भी इसका प्रयोग पहले से ही कई प्रकार की समस्याओं के लिए किया जाता रहा है, ऐसे में ये आपके लिए काफी लाभकारी प्रभावों वाली हो सकती है।
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स्रोत और संदर्भ
Kombucha tea as an anti-hyperglycemic agent in humans with diabetes – a randomized controlled pilot investigation
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