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Diabetes: ज्यादा स्ट्रेस लेते हैं तो हो सकते हैं डायबिटीज के शिकार, जानिए क्या है इन दोनों बीमारियों का संबंध

Sat, 26 Aug 2023 04:02 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sat, 26 Aug 2023 04:02 PM IST
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तनाव के कारण होने वाली समस्या - फोटो : Pixabay

डायबिटीज, वैश्विक स्तर पर बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जिसका जोखिम सभी उम्र के लोगों में बढ़ता जा रहा है। आनुवांशिकता के साथ लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी को डायबिटीज के जोखिमों को बढ़ाने वाला माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मधुमेह के कई जोखिम कारक हो सकते हैं, तनाव की समस्या भी इसमें से एक है। यानी कि अगर आप अधिक तनाव लेते हैं तो इसके कारण भी डायबिटीज होने का खतरा अधिक हो सकता है। 



आजकल तनाव हमारी जीवनशैली का हिस्सा बन गया है। वैसे तो सीधे तौर पर स्ट्रेस को डायबिटीज का कारण नहीं माना जाता है पर यह कई ऐसी स्थितियों का कारण जरूर हो सकती है जिसके कारण डायबिटीज होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। अगर आप भी अधिक तनाव लेते हैं तो सावधान हो जाइए, यह आपमें इस गंभीर क्रोनिक रोग के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है।

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डायबिटीज के जोखिम कारक - फोटो : istock

तनाव और डायबिटीज की समस्या

अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि मधुमेह और तनाव का पारस्परिक संबंध हो सकता है, इतना ही अगर आप अधिक तनाव में रहते हैं तो इसके कारण डायबिटीज को कंट्रोल कर पाना भी कठिन हो सकता है। तनाव की स्थिति में कोर्टिसोल हार्मोन रिलीज होता है जो ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ाने वाली हो सकती है। इसके अलावा तनाव की स्थिति में इम्युनिटी सिस्टम भी कमजोर हो जाती है, जिसके कारण डायबिटीज की जटिलताओं के विकसित होने का जोखिम भी अधिक हो सकता है। 

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मधुमेह की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : Pixabay

अध्ययन में क्या पता चला?

अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि तनाव की समस्या लोगों को कई तरह से प्रभावित कर सकती है। जब टाइप-2 डायबिटीज वाले लोग मानसिक तनाव में होते हैं, तो वे आम तौर पर अपने रक्त शर्करा के स्तर में वृद्धि का अनुभव करते हैं। साल 2010 में अध्ययनों की समीक्षा में बताया गया है कि जो लोग अवसाद, चिंता, तनाव जैसी समस्याओं के शिकार रहे हैं और इसका समय रहते उपचार नहीं हो रहा है उनमें मधुमेह विकसित होने का खतरा अधिक होता है।

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तनाव के कारण मधुमेह का खतरा - फोटो : istock

क्या कहते हैं शोधकर्ता?

नीदरलैंड में एम्स्टर्डम विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने समझने के लिए शोध किया कि विभिन्न प्रकार के तनाव कैसे मधुमेह को जन्म दे सकते हैं? इनमें जीवनशैली कारक, हार्मोन के स्तर पर प्रभाव और प्रतिरक्षा प्रणाली पर प्रभाव भी शामिल हैं। तनाव का उच्च स्तर अस्वास्थ्यकर जीवनशैली की आदतों को बढ़ाने वाला हो सकता है और जीवनशैली की गड़बड़ आदतों को मधुमेह के प्रमुख जोखिम कारकों में से एक पाया गया है। 

इसके अलावा तनाव की स्थिति हाइपोथैलेमिक पिट्यूटरी एड्रेनल ग्रंथि ग्रंथि को अति सक्रिय कर देती है इससे हार्मोनल परिवर्तन होने का खतरा भी बढ़ जाता है। जैसे हाई कोर्टिसोल स्तर होने की स्थिति को डायबिटीज के खतरे को बढ़ाने वाला पाया गया है।

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स्ट्रेस को करें कंट्रोल - फोटो : istock

तनाव को कंट्रोल करना बहुत आवश्यक

डॉक्टर कहते हैं, तनाव की स्थिति को प्रबंधित करने के तरीकों को पालन में लाकर मधुमेह के रोगी अपने रक्त शर्करा में सुधार कर सकते हैं। नियमित व्यायाम, माइंडफुलनेस, शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर स्ट्रेस की समस्या को कंट्रोल किया जा सकता है। नींद की गुणवत्ता को बढ़ाने से मेटाबॉलिज्म और इंसुलिन संवेदनशीलता दोनों में सुधार होता है जो मानसिक स्वास्थ्य की समस्या को कंट्रोल करने में भी लाभकारी हो सकती है। 



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स्रोत और संदर्भ
Does Emotional Stress Cause Type 2 Diabetes Mellitus? A Review from the European Depression in Diabetes (EDID) Research Consortium

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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