मोटापा किसी भी उम्र में हो, इसे सेहत के लिए गंभीर दुष्प्रभावों वाला माना जाता है। अधिक वजन की स्थिति कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों को भी बढ़ा सकती है, यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को शरीर के वजन को कंट्रोल में रखने की सलाह देते हैं।
Obesity: बच्चों में बढ़ती मोटापे की समस्या हो सकती है 'घातक', इसे कंट्रोल करने के लिए करें ये तीन सुधार
बच्चों की लाइफस्टाइल पर दें गंभीरता से ध्यान
अमर उजाला से बातचीत में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ रुचिरा सेठ कहती हैं, अधिक वजन की समस्या होना वैसे तो सभी उम्र वाले लोगों के लिए खतरनाक है, पर बच्चों में इस स्थिति के गंभीर दुष्प्रभाव होने का खतरा अधिक हो सकता है। कम उम्र में ही यह क्रोनिक बीमारियों का कारण बन सकती है जिससे क्वालिटी ऑफ लाइफ पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
बढ़ते मोटापे की समस्या के लिए शारीरिक निष्क्रियता और आहार में जंक-फास्ट फूड्स की अधिकता प्रमुख कारण हो सकती है। सभी माता-पिता के लिए इसपर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
बच्चों का डाइट रखें संतुलित
डॉ रुचिरा कहती हैं, बच्चों को मोटापे से बचाने के लिए सबसे जरूरी है कि उनके आहार को ठीक रखने पर ध्यान दिया जाए। जंक-फास्ट फूड्स न सिर्फ शरीर के वजन को बढ़ाते हैं साथ ही इसके कारण लिवर और पाचन स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर हो सकता है। आहार में मौसमी फलों-सब्जियों को शामिल करने के साथ साबुत अनाज और लो फैट डेयरी उत्पादों को जरूर शामिल किया जाना चाहिए। ये चीजें शरीर के लिए पोषण की जरूरतों को आसानी से पूरा करने में मददगार हो सकती हैं।
आउटडोर खेलों की बनाएं आदत
बच्चों में मोटापा बढ़ने का एक कारण समय के साथ कम होता आउटडोर गेम्स का समय भी है। बच्चे अब बाहर खेलने की जगह मोबाइल और वीडियो गेम्स पर अधिक समय बिता रहे हैं, यह सीधे तौर पर शारीरिक निष्क्रियता को कम करती है। आउटडोर खेलों से पूरे शरीर का व्यायाम हो जाता है और कैलोरी को भी कम किया जा सकता है, इसकी आदत बनाकर बच्चों के फिटनेस को ठीक रखा जा सकता है।
स्लीप साइकिल बिगाड़ सकती है सेहत
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सोने-जागने के समय का भी सेहत पर विशेष प्रभाव पड़ता है, इसमें होने वाली गड़बड़ी भी अधिक वजन का कारण हो सकती है। मोबाइल और कई अन्य प्रकार के स्क्रीन्स पर बढ़ते समय के कारण बच्चों के स्लीप साइकिल पर नकारात्मक असर देखा जा रहा है। यह शरीर में हार्मोन्स के असंतुलन का भी कारण बनती है जिसके कारण कई प्रकार की गंभीर बीमारियों के विकसित होने का खतरा रहता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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