Medically Reviewed by Ms. Priya Pandey
डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- बी.एस.सी. (मानव पोषण)
अनुभव- 8 वर्ष
कोरोना के इस विकट समय में खुद को संक्रमण से बचाकर रखना लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। संक्रमण से आप तब बच सकते हैं जब आपकी इम्यूनिटी बेहतर हो। आहार विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना के ऐसे विपरीत समय में खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। इस समय लोगों को विटामिन सी-डी सहित जिंक से भरपूर खाद्य पदार्थों के ज्यादा से ज्यादा सेवन की सलाह दी जा रही है। इनसे न सिर्फ आपकी इम्यूनिटी बढ़ती है साथ ही यह आपको कई अन्य रोगों से भी सुरक्षित कर सकती है।
एक अध्ययन के अनुसार विटामिन टी संक्रमण के जोखिम को कम करने और यहां तक कि वायरल संक्रमण से लड़ने में मदद कर सकता है। हालांकि इसके कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं, जिनके बारे में भी जानना जरूरी है। अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए हर चीज का सही मात्रा में सेवन करना बेहद आवश्यक होता है। विटामिन सी के मामले भी ऐसा ही है, नियत मात्रा में इसका सेवन जितना फायदेमंद है, वैसे ही इसका बहुत ज्यादा सेवन की तरह की समस्याओं को भी जन्म दे सकता है।
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सलाह: शरीर में इस पोषक तत्व की अधिकता के कारण हो सकता है रक्त विकार, जानिए सही मात्रा
Fri, 11 Jun 2021 04:40 PM IST
Abhilash Srivastava
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Fri, 11 Jun 2021 04:40 PM IST
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इस विटामिन का ज्यादा सेवन है नुकसानदायक
- फोटो : Social media
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विटामिन सी की सही मात्रा
- फोटो : Pixabay
विटामिन सी के सेवन की सही मात्रा
आहार विशेषज्ञों के अनुसार वयस्क पुरुषों को प्रतिदिन 90 मिलीग्राम और वयस्क महिला को 75 मिलीग्राम विटामिन सी लेनी चाहिए। इससे ज्यादा की मात्रा नुकसानदायक हो सकती है। एक दिन में 100 मिलीग्राम से अधिक विटामिन सी का सेवन, शरीर की विटामिन-सी अवशोषण की क्षमता 50 प्रतिशत तक कम कर सकती है। इस विटामिन का लंबे समय तक अत्यधिक मात्रा में सेवन से कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
आहार विशेषज्ञों के अनुसार वयस्क पुरुषों को प्रतिदिन 90 मिलीग्राम और वयस्क महिला को 75 मिलीग्राम विटामिन सी लेनी चाहिए। इससे ज्यादा की मात्रा नुकसानदायक हो सकती है। एक दिन में 100 मिलीग्राम से अधिक विटामिन सी का सेवन, शरीर की विटामिन-सी अवशोषण की क्षमता 50 प्रतिशत तक कम कर सकती है। इस विटामिन का लंबे समय तक अत्यधिक मात्रा में सेवन से कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देता है विटामिन-सी
- फोटो : iStock
विटामिन सी के फायदे
विटामिन-सी संक्रमण से बचाने के साथ घावों को जल्दी ठीक करने में सहायक हो सकता है। विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों में शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो रोग पैदा करने वाले हानिकारक मुक्त कणों से लड़ सकते हैं। इसके अलावा विटामिन सी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देने के साथ शरीर के ऊतकों को स्वस्थ रखने में भी सहायक है। शरीर में मेटाबॉलिज्म प्रक्रियाओं को ठीक रखने के साथ हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने में यह विटामिन काफी फायदेमंद हो सकता है।
विटामिन-सी संक्रमण से बचाने के साथ घावों को जल्दी ठीक करने में सहायक हो सकता है। विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों में शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो रोग पैदा करने वाले हानिकारक मुक्त कणों से लड़ सकते हैं। इसके अलावा विटामिन सी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देने के साथ शरीर के ऊतकों को स्वस्थ रखने में भी सहायक है। शरीर में मेटाबॉलिज्म प्रक्रियाओं को ठीक रखने के साथ हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने में यह विटामिन काफी फायदेमंद हो सकता है।
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विटामिन सी की अधिकता के कारण हो सकता है रक्त विकार
- फोटो : iStock
ज्यादा मात्रा में विटामिन सी के सेवन के नुकसान
शरीर में विटामिन सी की मात्रा अधिक हो जाने पर किडनी इसे मूत्र के माध्यम से बाहर कर देता है। हालांकि लंबे समय तक ज्यादा मात्रा में इसका सेवन कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है। सामान्य रूप से इसके निम्न दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
शरीर में विटामिन सी की मात्रा अधिक हो जाने पर किडनी इसे मूत्र के माध्यम से बाहर कर देता है। हालांकि लंबे समय तक ज्यादा मात्रा में इसका सेवन कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है। सामान्य रूप से इसके निम्न दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
- दस्त
- जी मिचलाना-उल्टी
- पेट में जलन
- पेट में ऐंठन
- सिरदर्द
- हेमोलिसिस (एक प्रकार का रक्त विकार है)
- दांतों की समस्या
- एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ने का खतरा
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विटामिन सी की उचित मात्रा है जरूरी
- फोटो : Social media
भोजन से विटामिन सी के अवशोषण को कैसे बढ़ाएं?
विटामिन सी युक्त ज्यादातर खाद्य पदार्थ उष्मा के प्रति संवेदनशील होते हैं, ज्यादा देर पकाने से इनकी पौष्टिकता नष्ट हो जाती है। अच्छी बात यह है कि विटामिन सी युक्त ज्यादातर खाद्य पदार्थों को कच्चा खाया जा सकता है। ब्रोकली, शिमला मिर्च, ब्रसेल्स, स्प्राउट्स जैसे खाद्य स्रोतों को उबालकर, भूनकर या माइक्रोवेव करके भी प्रयोग में लाया जा सकता है। इस प्रकार से भी आप दैनिक आहार से ज्यादा से ज्यादा मात्रा में विटामिन सी प्राप्त कर सकते हैं।
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नोट: प्रिया पांडेय योग्य और अनुभवी डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) हैं। उन्होंने कानपुर के सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय से मानव पोषण में बी.एस.सी. किया है। उन्होंने कानपुर के आभा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आहार विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पोषण व्याख्यान के विषय के प्रतिनिधि के रूप में भी भाग लिया है। उनका इस क्षेत्र में 8 वर्ष का लंबा अनुभव है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विटामिन सी युक्त ज्यादातर खाद्य पदार्थ उष्मा के प्रति संवेदनशील होते हैं, ज्यादा देर पकाने से इनकी पौष्टिकता नष्ट हो जाती है। अच्छी बात यह है कि विटामिन सी युक्त ज्यादातर खाद्य पदार्थों को कच्चा खाया जा सकता है। ब्रोकली, शिमला मिर्च, ब्रसेल्स, स्प्राउट्स जैसे खाद्य स्रोतों को उबालकर, भूनकर या माइक्रोवेव करके भी प्रयोग में लाया जा सकता है। इस प्रकार से भी आप दैनिक आहार से ज्यादा से ज्यादा मात्रा में विटामिन सी प्राप्त कर सकते हैं।
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नोट: प्रिया पांडेय योग्य और अनुभवी डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) हैं। उन्होंने कानपुर के सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय से मानव पोषण में बी.एस.सी. किया है। उन्होंने कानपुर के आभा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आहार विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पोषण व्याख्यान के विषय के प्रतिनिधि के रूप में भी भाग लिया है। उनका इस क्षेत्र में 8 वर्ष का लंबा अनुभव है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।