मानसून के इस मौसम में राजधानी दिल्ली सहित देश के कई राज्यों से मच्छरजनित डेंगू के मामले बढ़ने की खबर है। पिछले महीने की तुलना में दिल्ली-एनसीआर में डेंगू के मरीज बढ़े हैं। इस साल अब तक दिल्ली में करीब 165 लोगों में रोग की पुष्टि हो चुकी है। डॉक्टर कहते हैं, भारी बारिश के बाद जिस तरह की बाढ़ की स्थिति देखी जा रही है, इससे आशंका है कि आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या में और बढ़ोतरी आ सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों के डेंगू से बचाव के लिए उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। बच्चों में यह गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का कारण बन सकता है।
Dengue in Delhi: बच्चों में डेंगू के गंभीर मामलों का खतरा अधिक, माता-पिता ऐसे लक्षणों की समय रहते करें पहचान
बच्चों में हो सकता है गंभीर रोग का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन बच्चों में डेंगू की पुष्टि की जाती है उनमें गंभीर रोग विकसित होने का जोखिम अधिक हो सकता है। बच्चों में डेंगू के लक्षण भी वयस्कों की तुलना में थोड़े अलग होते हैं। बच्चों में उल्टी और पेटीसिया (त्वचा के नीचे रक्तस्राव) की समस्या अधिक होती है जबकि वयस्कों में मतली और आंखों के पीछे दर्द जैसे लक्षण अधिक आम हैं। समय रहते इन लक्षणों को पहचानना और इसका उपचार किया जाना बहुत आवश्यक हो जाता है।
बच्चों में किस तरह के देखे जाते हैं लक्षण?
डॉक्टर बताते हैं, बच्चों में प्लेटलेट्स कम होने का खतरा भी अधिक देखा जाता रहा है, यही कारण है कि उनमें गंभीर डेंगू रोग विकसित होने का जोखिम भी अधिक हो सकता है। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो इसके कारण शॉक लगने और आंतरिक रक्तस्राव की समस्या हो सकती है जो गंभीर मानी जाती है। इसलिए बच्चों में लक्षणों को समय पर पहचानना और इसका इलाज महत्वपूर्ण है।
गंभीर डेंगू की स्थिति में तेज बुखार के साथ पेट में तेज दर्द, मसूड़ों या नाक से खून आने, उल्टी या मल में खून आने, बेचैनी-सुस्ती या चिड़चिड़ापन की समस्या देखी जाती है। इसमें तुरंत जांच और आवश्यक उपचार जरूरी हो जाता है।
बच्चों की कैसे करें देखभाल
अगर बच्चे में डेंगू की पुष्टि होती है तो घबराएं नहीं, अधिकांश संक्रमण हल्के होते हैं जो सामान्य उपचार द्वारा आसानी से ठीक किए जा सकते हैं। घर पर रोगी को पर्याप्त आराम करना चाहिए, ओआरएस और नारियल पानी सहित तरल पदार्थ देते रहें। बुखार और दर्द के लिए पेरासिटामोल का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
यदि बच्चे को रक्तस्राव की समस्या है या फिर प्लेटलेट्स कम हो रहे हैं तो अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत हो सकती है।
मच्छरों के काटने से बचाव
डेंगू से बचाव के लिए जरूरी है कि वे सभी उपाय किए जाएं जो आपको मच्छरों के काटने से सुरक्षित रख सकते हैं। घर के आसपास पानी जमा न होने दें। मच्छरों को भगाने वाली दवाओं का छिड़काव करें। स्कूल भेजते समय बच्चों को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं और गंदगी वाली जगहों पर खेलने जाने से रोकें। रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। ये उपाय मच्छरजनित बीमारियों से बचाने में उपयोगी हो सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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