अमेरिका में 70 सालों में पहली बार सिफलिस रोग के मामलों में भारी उछाल रिकॉर्ड किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यौन संचारित रोग सिफलिस ने यहां करीब सात दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस साल की शुरुआत में, सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने प्रारंभिक अनुमान लगाए थे कि 2020 से 2021 तक सिफलिस की दरों में आश्चर्यजनक उछाल आया है, लेकिन हाल ही में पेश स्वास्थ्य आंकड़ों के मुताबिक केवल एक साल की अवधि में, 2020 से 2021 तक इस रोग के मामले 32% बढ़कर 176,713 हो गए। 1950 के बाद से अमेरिका में सिफलिस के मामलों की यह सबसे अधिक संख्या है।
बड़ी चिंता: 70 साल में पहली बार सिफलिस रोग के सबसे अधिक मामले दर्ज, वैज्ञानिकों ने कहा ये 'एपिडेमिक' का संकेत
विशेषज्ञों ने कहा- ये एपिडेमिक का संकेत
सीडीसी में एसटीडी रोगों के रोकथाम प्रभाग के निदेशक, लिएंड्रो मेना कहते हैं, जन्मजात सिफलिस के मामलों में 2020 से 2021 तक 32% की वृद्धि खतरनाक संकेत है। इसके परिणामस्वरूप 2021 में शिशु मृत्युदर भी बढ़ी है। यह असल में एपिडेमिक का संकेत है जिसको लेकर हमें गंभीर हो जाने की जरूरत है।
कोरोना महामारी के दौरान एसटीडी में वृद्धि का कारण संभवत: यौन स्वास्थ्य पर ध्यान न देना और संसाधनों में कमी हो सकती है। यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि इस रोग का खतरा संक्रमित मां से अजन्मे बच्चे में भी हो सकता है।
भारत में इस रोग की स्थिति
2015 से 2020 तक 6 वर्षों के दौरान दक्षिण भारत में यौन संचारित रोगों के जानने के लिए अध्ययन किया गया था। इसमें कुल 265 सिफलिस रोगियों की पुष्टि की गई। शोधकर्ताओं ने बताया कि छह साल के अध्ययन में इस रोग की पॉजिटिविटी रेट में 0.52 से 2.1% तक की महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई। यह निश्चित ही चिंताजनक है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं यह अन्य यौन संचारित रोगों के मुकाबले अधिक चिंताजनक इसलिए है क्योंकि इसके कारण शरीर में कई गंभीर दुष्प्रभावों के विकसित होने का खतरा कहीं अधिक बढ़ जाता है। रोगी को इलाज न मिले तो उसकी जान भी जा सकती है।
किस-किस तरह से फैलता है ये रोग
सिफलिस, ट्रेपोनेमा पैलिडम नामक जीवाणु के कारण होने वाली बीमारी है। यौन गतिविधि के दौरान किसी संक्रमित व्यक्ति के घाव के संपर्क में आने से यह सबसे तेजी से फैलता है। हालांकि इसका सबसे ज्यादा खतरा गर्भावस्था या प्रसव के दौरान मां से उनके बच्चों में होने को माना जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, चूंकि इस रोग के बारे में लोगों को कम जानकारी है इसलिए इससे संबंधित कई अफवाहें भी हैं। पर यहां ध्यान देना जरूरी है कि सिफलिस एक ही शौचालय, बाथटब, कपड़े या खाने के बर्तनों का उपयोग करने से, दरवाजे के हैंडल, स्विमिंग पूल आदि से नहीं फैलता है।
शरीर में कई गंभीर समस्याओं का हो सकता है जोखिम
उपचार के बिना सिफलिस आपके पूरे शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। सिफलिस से एचआईवी संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है और गर्भावस्था के दौरान समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इस रोग के कारण कई प्रकार की न्यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने जैसे- स्ट्रोक, बहरापन, दृष्टि संबंधी समस्याएं-अंधापन और मूत्राशय पर नियंत्रण न रहने जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं।
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स्रोत और संदर्भ
U.S. STI Epidemic Showed No Signs of Slowing in 2021 – Cases Continued to Escalate
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