दुनिया के कई देश कोरोना की वैक्सीन को इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे चुके हैं, जबकि कई देशों में तो टीकाकरण अभियान चल भी रहे हैं, जिसके तहत लाखों लोगों को टीका दिया जा चुका है। भारत ने भी दो-दो वैक्सीन को एक साथ मंजूरी दी है, लेकिन पाकिस्तान को अभी कोई भी वैक्सीन नहीं मिल सकी है। हालांकि पाकिस्तान के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी कि सरकार ने आपातकालीन उपयोग के लिए कोरोना वैक्सीन की खरीद संबंधी नियमों में ढील दी है। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में टीके की खरीद के लिए सार्वजनिक खरीद नियामक प्राधिकरण (पीपीआरए) के नियमों में ढील देने का फैसला किया गया।
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पाकिस्तान सरकार के फैसले के मुताबिक, कोरोना वैक्सीन की खरीद के लिए अब निविदा प्रक्रिया की कोई जरूरत नहीं होगी, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा मंत्रालय के पास पंजीकृत छह कंपनियों में से किसी भी कंपनी से खरीदी जा सकती है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, 'मंत्रिमंडल ने नागरिकों की जान बचाने और आपातकालीन इस्तेमाल के आधार पर वैक्सीन की खरीद को मंजूरी दी है जो स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा खरीदी जाएगी।'
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार ने पिछले महीने वैक्सीन की खरीद के लिए 15 करोड़ डॉलर की राशि आवंटित की थी। साथ ही यह भी फैसला किया गया था कि पहले चरण में फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों और 65 साल से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण किया जाएगा।
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पहले ऐसा माना जा रहा था कि पाकिस्तान सरकार चीन की कोरोना वैक्सीन के भरोसे है, लेकिन हाल ही में आई एक रिपोर्ट में कहा गया कि चीनी कोरोना वैक्सीन पर पाकिस्तान को भी भरोसा नहीं है। दरअसल, चीन की वैक्सीन के सिर्फ दो क्लीनिकल ट्रायल ही किए जा रहे हैं और उसमें भी सरकारी अधिकारियों को ही शामिल करना पड़ रहा है, क्योंकि यहां के लोगों का मानना है कि चीन की वैक्सीन की गुणवत्ता अच्छी नहीं है।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण से 52 लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या 10,461 तक पहुंच गई है, जबकि 2,118 नए मामले सामने आने के बाद देश में अब तक चार लाख 92 हजार से भी अधिक लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।