डॉ परवेश मलिक
फिजिशियन
Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
कोरोना वायरस की दूसरी लहर की वजह से काफी संख्या में लोग इस वायरस की चपेट में आ रहे हैं, और हर दिन काफी संख्या में ये वायरस लोगों की जान भी ले रहा है। हालांकि, देश में प्रतिदिन ठीक होने वाले लोगों की संख्या भी अच्छी है और प्रत्येक दिन काफी संख्या में लोग इस वायरस को मात देकर अपनों के साथ फिर से एक सामान्य जीवन जी रहे हैं। लेकिन जब लोग इस वायरस से ठीक हो रहे हैं, तो कई लोगों को इसके बाद भी बुखार आ रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं इसके पीछे का कारण क्या है? शायद नहीं, तो चलिए जानते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
क्या है वजह?
- दरअसल, जब व्यक्ति कोरोना से संक्रमित होता है तो जहां कुछ लोगों को पांच से सात तो कुछ लोगों को 8-14 दिनों तक बुखार रहता है। ऐसे में मरीज के बुखार को कम करने के लिए पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक और स्टोरॉइड की डोज तक देनी पड़ती है। इनकी वजह से बुखार तो कम हो जाता है, लेकिन बाकी इंफेक्शन शरीर में बने रहते हैं और कई बार जब मरीज ठीक हो जाता है तब नए और पुराने इंफेक्शन की वजह से व्यक्ति को दोबारा बुखार तक आ जाता है।
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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इन इंफेक्शन की वजह से आ सकता है बुखार:-
बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण
- टाइफाइड या न्यूमोनिया के इंफेक्शन अमूमन हमारे शरीर में मौजूद ही रहते हैं वहीं, जब हम दवाओं का सेवन करते हैं, तो इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है और जैसे ही शरीर कमजोर होता है, तुरंत बैक्टीरियल इंफेक्शन के जोर पकड़ने के कारण बुखार आ जाता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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फंगल इंफेक्शन की वजह से
- वहीं, जो लोग कोरोना को मात देकर ठीक हो रहे हैं, उन्हें ब्लैक फंगस यानी म्यूकरमाइकोसिस की परेशानी घेर रही है। इसकी वजह से भी मरीज को बुखार आने लगता है। ऐसे में आपको अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।
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थर्मामीटर (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
इन बातों का रखें ध्यान
1. आप कोरोना से ठीक हो चुके हैं और इसके बाद 15 से 30 दिनों के अंदर आपको 99 या फिर इससे नीचे बुखार आ रहा है, तो आपको परेशान नहीं होना है। आप अपना बुखार थर्मामीटर की मदद से नाप सकते हैं। हालांकि, अगर बुखार लगातार है, तो आपको अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।