कोरोना वायरस संक्रमण का आंकड़ा दुनियाभर में बढ़ता ही जा रहा है। दुनियाभर में इससे संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 65.86 लाख से ज्यादा पार कर चुकी है, जबकि कोरोना की वजह से 3.88 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि सुकून देने वाली बात यह है कि कोरोना से संक्रमित 31.81 लाख लोग ठीक हो चुके हैं। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच बुजुर्गों और गंभीर बीमारी के मरीजों को खास ख्याल रखने की सलाह दी जा रही है। ब्लडप्रेशर, डायबिटीज, दिल के मरीजों को सलाह दी गई है कि वे अपनी दवा बंद न करें और बहुत परहेज से रहें। अब एक सलाह यह भी दी जा रही है कि कोरोना से उबरे मरीज फिलहाल अपनी किसी तरह की भी सर्जरी न करवाएं और कुछ समय के लिए टाल दें।
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कोरोना की चपेट में आ चुके मरीज टलवा दें अपनी सर्जरी, नहीं तो हो सकता है मौत का खतरा
Thu, 04 Jun 2020 02:10 PM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Thu, 04 Jun 2020 02:10 PM IST
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दुनियाभर में कोरोना से संक्रमित 31.81 लाख लोग ठीक हो चुके हैं(File Photo)
- फोटो : PTI
कोरोना की जांच के लिए नमूना एकत्र करती महिला स्वास्थ्य कर्मी(File Photo)
- फोटो : PTI
- नए अध्ययन में सामने आया है कि कोरोना संक्रमण की चपेट में आने वाले लोगों की सर्जरी के बाद मौत का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए कहा जा रहा है कि कोविड 19 की चपेट में आ चुके लोग बेहद जरूरी न हो तो अपनी सर्जरी टलवा दें। एक हजार से ज्यादा मरीजों पर हुए शोध में यह बात सामने आई है।
Coronavirus Test(File Photo
- फोटो : PTI
- दरअसल, बर्मिंघम यूनिवर्सिटी के नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ रिसर्च के वैज्ञानिकों ने 24 देशों के 235 अस्पतालों से 1,128 मरीजों पर शोध किया। मेडिकल जर्नल द लांसेट में प्रकाशित इस शोध अध्ययन के अनुसार कोरोना संक्रमित मरीजों में जिन लोगों की सर्जरी हो रही है, उनमें मृत्युदर ज्यादा है।
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इमरजेंसी सर्जरी (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Pixabay
- अध्ययन के दौरान ऐसे मरीजों में 30 दिन में मृत्युदर 24 फीसदी पाई गई। शोधकर्ताओं ने कहा, इलेक्टिव सर्जरी में मृत्युदर 18.9 फीसदी और इमरजेंसी सर्जरी में मृत्युदर 25.6 फीसदी रही।
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सर्जरी (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Pixabay
- वहीं, मामूली सर्जरी जैसे एपेंडिसियोटॉमी या हर्निया की सर्जरी में मृत्यु दर 16.3 फीसदी। जबकि हिप सर्जरी जैसी बड़ी सर्जरी या कोलन कैंसर के लिए की गई सर्जरी में भी मृत्यु दर 26.9 फीसदी थी।