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Jammu News: 45 जवानों ने आईआईएम में सीखे कारोबार के गुर
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- सेना में सेवा पूरी करने के बाद अपना कारोबार शुरू करने में मिलेगी मदद
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सेना में सेवा देने के बाद नया करियर शुरू करने की तैयारी कर रहे 45 जवानों ने आईआईएम जम्मू में प्रबंधन और कारोबार से जुड़ी बातें सीखीं। संस्थान में 10 अगस्त से शुरू हुआ ऑपरेशनल मैनेजमेंट कार्यक्रम का दूसरा बैच वीरवार को पूरा हो गया। रक्षा मंत्रालय के पुनर्वास निदेशालय के साथ मिलकर चलाए गए इस कार्यक्रम का मकसद जवानों को सैन्य सेवा के बाद नौकरी या अपना कारोबार शुरू करने के लिए तैयार करना था।
प्रशिक्षण में जवानों को कारोबार चलाने, खरीद प्रक्रिया, कामकाज की योजना बनाने और निजी कंपनियों में काम करने के तरीकों की जानकारी दी गई। उन्हें नौकरी के लिए सीवी तैयार करने, लिंक्डइन के जरिए पेशेवर संपर्क बनाने और कारोबार शुरू करने के लिए पैसे जुटाने के बारे में भी बताया गया। समापन समारोह में 16 कोर के मुख्य अभियंता ब्रिगेडियर एचएस बिलिंग मुख्य अतिथि और पुनर्वास निदेशालय के संयुक्त निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल अंगद बहल विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। ब्रिगेडियर बिलिंग ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से जवानों को सैन्य सेवा के बाद नौकरी और कारोबार के नए अवसर तलाशने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रशिक्षण में सीखी बातों का इस्तेमाल करने की सलाह दी। लेफ्टिनेंट कर्नल अंगद बहल ने कहा कि सेना से नागरिक जीवन में आने के बाद काम करने का तरीका बदल जाता है। ऐसे में जवानों को नए माहौल के अनुसार खुद को तैयार करना चाहिए और नौकरी के साथ कारोबार के अवसरों पर भी ध्यान देना चाहिए। आईआईएम के कार्यकारी शिक्षा एवं परामर्श विभाग के सह-अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार ने कहा कि जवान आगे भी प्रबंधन और कारोबार से जुड़े छोटे कोर्सों के जरिए अपनी जानकारी बढ़ा सकते हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सेना में सेवा देने के बाद नया करियर शुरू करने की तैयारी कर रहे 45 जवानों ने आईआईएम जम्मू में प्रबंधन और कारोबार से जुड़ी बातें सीखीं। संस्थान में 10 अगस्त से शुरू हुआ ऑपरेशनल मैनेजमेंट कार्यक्रम का दूसरा बैच वीरवार को पूरा हो गया। रक्षा मंत्रालय के पुनर्वास निदेशालय के साथ मिलकर चलाए गए इस कार्यक्रम का मकसद जवानों को सैन्य सेवा के बाद नौकरी या अपना कारोबार शुरू करने के लिए तैयार करना था।
प्रशिक्षण में जवानों को कारोबार चलाने, खरीद प्रक्रिया, कामकाज की योजना बनाने और निजी कंपनियों में काम करने के तरीकों की जानकारी दी गई। उन्हें नौकरी के लिए सीवी तैयार करने, लिंक्डइन के जरिए पेशेवर संपर्क बनाने और कारोबार शुरू करने के लिए पैसे जुटाने के बारे में भी बताया गया। समापन समारोह में 16 कोर के मुख्य अभियंता ब्रिगेडियर एचएस बिलिंग मुख्य अतिथि और पुनर्वास निदेशालय के संयुक्त निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल अंगद बहल विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। ब्रिगेडियर बिलिंग ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से जवानों को सैन्य सेवा के बाद नौकरी और कारोबार के नए अवसर तलाशने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रशिक्षण में सीखी बातों का इस्तेमाल करने की सलाह दी। लेफ्टिनेंट कर्नल अंगद बहल ने कहा कि सेना से नागरिक जीवन में आने के बाद काम करने का तरीका बदल जाता है। ऐसे में जवानों को नए माहौल के अनुसार खुद को तैयार करना चाहिए और नौकरी के साथ कारोबार के अवसरों पर भी ध्यान देना चाहिए। आईआईएम के कार्यकारी शिक्षा एवं परामर्श विभाग के सह-अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार ने कहा कि जवान आगे भी प्रबंधन और कारोबार से जुड़े छोटे कोर्सों के जरिए अपनी जानकारी बढ़ा सकते हैं।
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