{"_id":"5f28d20f38ce2c395a6d4ab8","slug":"vikas-dubey-kanpur-encounter-news-pradhan-ram-singh-big-revealing-at-behest-of-vikas-dubey-prabhat-brought-the-bike","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बिकरू कांड पर प्रधान राम सिंह का सबसे बड़ा खुलासा, विकास दुबे के कहने पर प्रभात बाइक लेकर आया था, और...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिकरू कांड पर प्रधान राम सिंह का सबसे बड़ा खुलासा, विकास दुबे के कहने पर प्रभात बाइक लेकर आया था, और...
Tue, 04 Aug 2020 09:30 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 04 Aug 2020 09:30 AM IST
विज्ञापन
Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
दहशतगर्द विकास दुबे के खास गुर्गे मदारीपुरवा गांव के प्रधान राम सिंह यादव को वारदात से ठीक पहले प्रभात बाइक से लेकर बिकरू पहुंचा था। राम सिंह ने प्रभात की छत से पुलिसकर्मियों पर सौ से अधिक राउंड फायरिंग की थी। उसने पुलिसकर्मियों को खोज-खोज कर मारा था। एसटीएफ ने सोमवार को उसकी लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक बरामद की। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।
ग्राम प्रधान राम सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
एसटीएफ ने रविवार को 50 हजार के इनामी राम सिंह को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने बताया कि वारदात से पहले रात में विकास ने फोन कर बिकरू आने को कहा था। वाहन न होने की वजह से विकास के कहने पर प्रभात मिश्र उर्फ कार्तिकेय (एनकाउंटर में मारा जा चुका है) गांव से बिकरू बाइक से लेकर आया था।
विकास दुबे के एक और साथी राम सिंह यादव गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
विकास के इशारे पर वह अपनी बंदूक को लेकर प्रभात की छत पर चढ़ा था। यहां उसके साथ प्रभात, शिवम दुबे और बीडीसी राजेंद्र मिश्रा असलहों के साथ मौजूद थे। पौने एक बजे पुलिस ने दबिश दी। इस पर सभी ने सैकड़ों राउंड पुलिस कर्मियों पर फायरिंग की। इसके बाद वह टॉर्च की रोशनी में पुलिसकर्मियों को खोजता रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
जिन पुलिस कर्मियों की सांसें चल रहीं थीं, उन्हें दोबारा गोली मारकर मार डाला था। एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उसकी निशानदेही पर उसके घर से ही बंदूक बरामद की गई है। दोपहर बाद उसे जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
प्रभात की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
तब क्यों नहीं बरामद कर पाए थे बंदूक
वारदात के बाद पुलिस ने नामजद आरोपियों के घरों पर कई बार तलाशी ली। तब राम सिंह के घर से बंदूक बरामद नहीं हो सकी थी। सवाल है कि आखिर अब कैसे उसी घर से बंदूक बरामद हो गई। साफ है कि पुलिस ने पहले लापरवाही बरती। वरना पहले ही बंदूक बरामद कर ली गई होती।
वारदात के बाद पुलिस ने नामजद आरोपियों के घरों पर कई बार तलाशी ली। तब राम सिंह के घर से बंदूक बरामद नहीं हो सकी थी। सवाल है कि आखिर अब कैसे उसी घर से बंदूक बरामद हो गई। साफ है कि पुलिस ने पहले लापरवाही बरती। वरना पहले ही बंदूक बरामद कर ली गई होती।