श्रीनगर में डल झील किनारे स्थित एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन (इंदिरा गांधी ट्यूलिप गार्डन) में इस बार दिव्यांग और बुजुर्ग लोगों को व्हीलचेयर की सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। इसकी वजह से दिव्यांग और बुजुर्ग भी खूबसूरत फूलों को करीब से निहारने के साथ खिलखिलाते नजर आ रहे हैं। बहार के मौसम की इस रौनक ने उनके चेहरे पर रौनक ला दी है।
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Tulip Garden in Kashmir
- फोटो : बासित जरगर
फ्लोरीकल्चर विभाग के अधिकारी और प्रभारी इंदिरा गांधी ट्यूलिप गार्डन इनाम उर रहमान ने कहा कि हमने दिव्यांग आगंतुकों और बुजुर्ग लोगों के लिए यहां व्हीलचेयर निःशुल्क रखी है। वे इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं, क्योंकि यह उद्यान दिव्यांगों को भी ध्यान में रखकर बनाया गया है।
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Tulip Garden in Srinagar
- फोटो : बासित जरगर
उन्होंने कहा कि शारीरिक रूप से अक्षम आगंतुकों के लिए बगीचे के मुख्य द्वार पर 20 व्हीलचेयर लगाई गई हैं, ताकि वे पूरे क्षेत्र में घूम सकें और गार्डन का आनंद उठा सकें। आगंतुक बगीचे की सुंदरता से चकित हैं और अपनी यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए कर्मचारियों के आभारी हैं। महाराष्ट्र से आई मीता ने कहा, केवल एक बार हमने व्हीलचेयर का अनुरोध किया और हमें यह सुविधा सुलभ हो गई। मदद के लिए एक व्यक्ति को भी साथ भेजा। यह सुविधा हर बाग में देनी चाहिए।
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Tulip Garden in Kashmir
- फोटो : बासित जरगर
बुज़ुर्ग मां के साथ ट्यूलिप गार्डन घूमने के लिए पहुंचे ओम प्रकाश ने कहा, अगर यह सुविधा यहां न होती तो मेरी मां बाग को नहीं देख पातीं। वैशाली और उनके पति विजय कुमार भी ट्यूलिप गार्डन में काफी आशंकाओं के साथ आए थे कि घुटने की समस्या से पीड़ित होने के कारण कैसे घूम पाएंगे। वैशाली ने कहा, मुझे घुटने की समस्या है। इसलिए मैं पूरे बगीचे में नहीं चल सकती थी।
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Tulip Garden in Kashmir
- फोटो : बासित जरगर
फ्लोरीकल्चर विभाग के एक अधिकारी इनाम ने कहा कि उन्हें पर्यटकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा, हम उन्हें ऐसी सुविधा प्रदान करने में सक्षम हैं। यह एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन है और देश-विदेश के लोग यहां आते हैं। हम चाहते हैं कि पर्यटक पूरे बगीचे को देखें। व्हीलचेयर की आसान पहुंच के लिए रैंप और चिकने रास्ते बनाए गए हैं।