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Jammu News: खौफ गैंग पर शिकंजा, एक के बाद एक गुर्गों की गिरफ्तारियां, खुल रही नेटवर्क की कड़ियां
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दिल्ली, पंजाब, जम्मू-सांबा से गैंग से जुड़े लोग गिरफ्तार, वासुदेव की मौत के बाद बढ़ी थी गैंगवार की रंजिश
अरुण कुमार
जम्मू। जम्मू, सांबा, कठुआ में गैंगवार और संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस का खौफ गैंग पर शिकंजा कसता जा रहा है। कभी हत्या और धमकियों के मामलों में चर्चा में रहा ये गिरोह अब लगातार कार्रवाई के घेरे में है। एसओजी की अलग-अलग कार्रवाइयों में गिरोह से जुड़े कई गुर्गे पकड़े गए हैं। इनके कब्जे से हथियार, हेरोइन भी बरामद हुए हैं। पुलिस अब सिर्फ गैंग के सदस्यों तक सीमित नहीं, बल्कि उसके हथियारों और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
गैंग की कहानी में गैंगवार की पुरानी रंजिश भी जुड़ी है। वर्ष 2024 में कठुआ में हुई एक मुठभेड़ में खौफ गैंग के मुख्य गुर्गे वासुदेव उर्फ शुन्नू की मौत हुई थी। इसी मुठभेड़ में पीएसआई दीपक कुमार भी बलिदान हुए थे। पुलिस जांच के मुताबिक खौफ गैंग को शक था कि वासुदेव के कठुआ अस्पताल पहुंचने की जानकारी गटारू गैंग ने पुलिस को दी थी। इसके बाद गटारू की हत्या कर इंटरनेट मीडिया पर बदला लेने की बात कही थी। 21 जनवरी 2025 को जम्मू में गटारू गैंग के सरगना सुमित जंडियाल की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। इसमें खौफ गैंग का नाम सामने आया। मलेशिया में बैठे विक्की सिंह का नाम भी सामने आया। इसके बाद पुलिस ने गैंग के नेटवर्क पर कार्रवाई तेज कर दी। अब एक-एक कर खौफ गैंग से जुड़े लोगों की गिरफ्तार हो रही है। 22 सितंबर को एसओजी जम्मू ने खौफ गैंग से जुड़े तीन गुर्गों को दिल्ली से गिरफ्तार किया। इनमें करणजीत सिंह उर्फ गुग्गा भी शामिल है। इसके बाद अरनिया में गैंग से जुड़े छह आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। उनसे तीन पिस्तौल, पांच टोका और छह कारतूस मिले। छह अक्तूबर को एसओजी ने जम्मू-सांबा में गैंग के दो और सहयोगी गिरफ्तार किए। इनसे भी दो पिस्तौल, एक देशी कट्टा और हेरोइन बरामद हुई है।
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अरुण कुमार
जम्मू। जम्मू, सांबा, कठुआ में गैंगवार और संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस का खौफ गैंग पर शिकंजा कसता जा रहा है। कभी हत्या और धमकियों के मामलों में चर्चा में रहा ये गिरोह अब लगातार कार्रवाई के घेरे में है। एसओजी की अलग-अलग कार्रवाइयों में गिरोह से जुड़े कई गुर्गे पकड़े गए हैं। इनके कब्जे से हथियार, हेरोइन भी बरामद हुए हैं। पुलिस अब सिर्फ गैंग के सदस्यों तक सीमित नहीं, बल्कि उसके हथियारों और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
गैंग की कहानी में गैंगवार की पुरानी रंजिश भी जुड़ी है। वर्ष 2024 में कठुआ में हुई एक मुठभेड़ में खौफ गैंग के मुख्य गुर्गे वासुदेव उर्फ शुन्नू की मौत हुई थी। इसी मुठभेड़ में पीएसआई दीपक कुमार भी बलिदान हुए थे। पुलिस जांच के मुताबिक खौफ गैंग को शक था कि वासुदेव के कठुआ अस्पताल पहुंचने की जानकारी गटारू गैंग ने पुलिस को दी थी। इसके बाद गटारू की हत्या कर इंटरनेट मीडिया पर बदला लेने की बात कही थी। 21 जनवरी 2025 को जम्मू में गटारू गैंग के सरगना सुमित जंडियाल की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। इसमें खौफ गैंग का नाम सामने आया। मलेशिया में बैठे विक्की सिंह का नाम भी सामने आया। इसके बाद पुलिस ने गैंग के नेटवर्क पर कार्रवाई तेज कर दी। अब एक-एक कर खौफ गैंग से जुड़े लोगों की गिरफ्तार हो रही है। 22 सितंबर को एसओजी जम्मू ने खौफ गैंग से जुड़े तीन गुर्गों को दिल्ली से गिरफ्तार किया। इनमें करणजीत सिंह उर्फ गुग्गा भी शामिल है। इसके बाद अरनिया में गैंग से जुड़े छह आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। उनसे तीन पिस्तौल, पांच टोका और छह कारतूस मिले। छह अक्तूबर को एसओजी ने जम्मू-सांबा में गैंग के दो और सहयोगी गिरफ्तार किए। इनसे भी दो पिस्तौल, एक देशी कट्टा और हेरोइन बरामद हुई है।
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