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Jammu News: जेयू में मन की परेशानी पर अब और बेहतर मदद की तैयारी
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- छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए काउंसलिंग व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
- परेशानी की समय पर पहचान, काउंसलिंग और जरूरत पर विशेषज्ञ तक पहुंच की योजना
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पढ़ाई या निजी जीवन से जुड़ी परेशानी के समय छात्रों को समय पर सही मदद मिल सके, इसके लिए जम्मू विश्वविद्यालय (जेयू) अपनी मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग व्यवस्था को और मजबूत करेगा। वीरवार को हुई विवि की मानसिक स्वास्थ्य एवं काउंसलिंग यूनिट की पहली सलाहकार समिति की बैठक में काउंसलिंग सेवाओं को बेहतर बनाने, छात्रों तक मदद की जानकारी पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों से जोड़ने पर चर्चा हुई। बैठक में विवि की मानसिक स्वास्थ्य नीति और यूनिट के काम की रूपरेखा को मंजूरी दी गई। यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरे कैंपस के लिए आगे की योजना भी रखी गई।
कुलपति प्रो. उमेश राय की अध्यक्षता में हुई बैठक में उन्होंने कहा कि कैंपस का माहौल ऐसा होना चाहिए, जहां छात्र, शिक्षक या कर्मचारी किसी परेशानी में बिना झिझक मदद मांग सकें। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को पढ़ाई और निजी जीवन से जुड़ा अहम हिस्सा बताया। बैठक में परेशानी की शुरुआत में ही पहचान, समय पर काउंसलिंग और जरूरत पड़ने पर आगे की मदद देने की व्यवस्था पर जोर दिया गया। मानसिक स्वास्थ्य अधिवक्ता एवं काउंसलर श्वेता जैन ने यूनिट की ओर से दी जा रही काउंसलिंग सेवाओं, छात्रों के बीच सामने आ रही मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं और अब तक किए गए काम की जानकारी दी।
सलाहकार समिति में पीएसईबी की सलाहकार डॉ. चंद त्रेहन, गवर्नमेंट साइकियाट्रिक कॉलेज जम्मू के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. अभिषेक चौहान और सहायक प्रोफेसर डॉ. रूपिका जंडियाल विशेषज्ञ के तौर पर शामिल हैं। उन्होंने काउंसलिंग सेवाओं को बेहतर करने, जागरूकता कार्यक्रम बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर छात्रों को विशेषज्ञों तक पहुंचाने के सुझाव दिए।
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- परेशानी की समय पर पहचान, काउंसलिंग और जरूरत पर विशेषज्ञ तक पहुंच की योजना
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पढ़ाई या निजी जीवन से जुड़ी परेशानी के समय छात्रों को समय पर सही मदद मिल सके, इसके लिए जम्मू विश्वविद्यालय (जेयू) अपनी मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग व्यवस्था को और मजबूत करेगा। वीरवार को हुई विवि की मानसिक स्वास्थ्य एवं काउंसलिंग यूनिट की पहली सलाहकार समिति की बैठक में काउंसलिंग सेवाओं को बेहतर बनाने, छात्रों तक मदद की जानकारी पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों से जोड़ने पर चर्चा हुई। बैठक में विवि की मानसिक स्वास्थ्य नीति और यूनिट के काम की रूपरेखा को मंजूरी दी गई। यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरे कैंपस के लिए आगे की योजना भी रखी गई।
कुलपति प्रो. उमेश राय की अध्यक्षता में हुई बैठक में उन्होंने कहा कि कैंपस का माहौल ऐसा होना चाहिए, जहां छात्र, शिक्षक या कर्मचारी किसी परेशानी में बिना झिझक मदद मांग सकें। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को पढ़ाई और निजी जीवन से जुड़ा अहम हिस्सा बताया। बैठक में परेशानी की शुरुआत में ही पहचान, समय पर काउंसलिंग और जरूरत पड़ने पर आगे की मदद देने की व्यवस्था पर जोर दिया गया। मानसिक स्वास्थ्य अधिवक्ता एवं काउंसलर श्वेता जैन ने यूनिट की ओर से दी जा रही काउंसलिंग सेवाओं, छात्रों के बीच सामने आ रही मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं और अब तक किए गए काम की जानकारी दी।
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सलाहकार समिति में पीएसईबी की सलाहकार डॉ. चंद त्रेहन, गवर्नमेंट साइकियाट्रिक कॉलेज जम्मू के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. अभिषेक चौहान और सहायक प्रोफेसर डॉ. रूपिका जंडियाल विशेषज्ञ के तौर पर शामिल हैं। उन्होंने काउंसलिंग सेवाओं को बेहतर करने, जागरूकता कार्यक्रम बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर छात्रों को विशेषज्ञों तक पहुंचाने के सुझाव दिए।
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