दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल के जंगल में शनिवार को सुरक्षा बलों ने जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों को मार गिराया। इसमें टॉप-10 की सूची में शामिल दहशतगर्द वकील शाह भी शामिल है। उसने त्राल नगर परिषद के अध्यक्ष एवं भाजपा नेता राकेश पंडिता समेत कई लोगों की हत्या की थी। मारे गए आतंकियों के पास से दो एके 47, एक एसएलआर, एक यूबीजीएल और अन्य हथियार बरामद हुए हैं। यह यूबीजीएल 11 दिसंबर 2018 को शोपियां के जैनापोरा में अल्पसंख्यक चौकी पर हमला कर लूटा गया था। मारे गए आतंकी जनजातीय महिलाओं का शारीरिक उत्पीड़न भी करते थे। आईजी कश्मीर और विक्टर फोर्स के जीओसी ने इसे बड़ी कामयाबी बताया है।
ऑपरेशन नागबेरन की कहानी: जनजातीय महिलाओं का शारीरिक उत्पीड़न करते थे आतंकी, दुर्गम इलाके में ऐसे मारे गए
उन्होंने बताया कि इसमें जैश के तीन आतंकी मारे गए। मारे गए तीन आतंकियों में से एक की शिनाख्त वकील शाह के तौर पर हुई। यह हाल ही में आतंकियों की जारी की गई टॉप-10 की सूची में शामिल था। इसने ही भाजपा नेता राकेश पंडिता की हत्या की थी और उसका मारा जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। मारे गए अन्य आतंकियों में अब्दुल हमीद चोपान था जिसका बेटा आदिल चोपान भी आतंकी था। उसे 2017 में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में मार गिराया था। हमीद भी नागरिकों की हत्या में शामिल था। तीसरे आतंकी की पहचान पुलवामा के खेलन निवासी इलियास नजर के रूप में हुई है। वह जून 2019 से सक्रिय था।
उन्होंने बताया कि यह एक कठिन ऑपरेशन था और उनके जवान टारगेट के काफी नजदीक पहुंच चुके थे। आतंकियों को आत्मसमर्पण करने का मौका दिया लेकिन उन्होंने अंदर से फायरिंग की और जवाबी कार्रवाई में मारे गए। सबसे अच्छी बात इस ऑपरेशन की यह रही कि मुठभेड़ के दौरान ढोक में रह रहे गुज्जर समुदाय के लोगों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। बिना किसी नुकसान के इस ऑपरेशन में बहुत बड़ी कामयाबी हासिल हुई।
आईजीपी ने बताया कि आतंकी इन लोगों का आर्थिक और शारीरिक शोषण करते थे जिसकी कई बार उन्हें शिकायत भी मिली थी। उनके जवान काफी पेशेवर तरीके से काम करते हैं। उन्होंने आतंकियों को एक कड़ा संदेश देते हुए कहा कि वह यह न समझें की वह नागरिकों की हत्या कर पहाड़ पर छिप कर आराम से बैठेंगे। हमारी फोर्स वहां भी उन्हें ट्रैक कर मार गिराएगी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मारा गया आतंकी वकील शाह सुरक्षाबलों पर हमले और नागरिकों की हत्या की साजिश रचता था। उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। वह नागरिकों को पुलिस और सुरक्षाबलों का मुखबिर बता हत्याएं करता था। वह राकेश पंडिता के अलावा नूराबाद त्राल के शब्बीर अहमद भट, त्राल पाईन के मोहम्मद अयूब अहंगर, डार गनई गुंड की शकीला बेगम, हरिपरिगाम में एसपीओ फैयाज अहमद, उसकी पत्नी रजा बेगम और बेटी रफिया जान की हत्या में शामिल था। इसके अलावा उसके खिलाफ सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड हमले के कई मामले दर्ज थे। त्राल बस स्टैंड में ग्रेनेड हमले में भी वह शामिल था। इसके साथ ही त्राल पाईन में नशे की खेप और विस्फोटक की बरामदगी मामले में भी उस पर केस चल रहा था।