कश्मीर घाटी की बदली आबोहवा ने दशकों मंदी की मार झेलने वाले होटल और हाउसबोट संचालकों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। कभी पर्यटकों की राह जोटने वालों के पास अब एडवांस में 90 फीसदी से अधिक बुकिंग है।
अगले दो महीनों के लिए कश्मीर के लगभग सभी होटल और हाउसबोट पैक हो गए हैं। ऐसे में पूरे पीक सीजन में धरती का स्वर्ग कहा जाने वाला कश्मीर पर्यटकों से गुलजार रहेगा।
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कश्मीर में सैलानी
- फोटो : एजेंसी
इसका एक बड़ा कारण कश्मीर में आतंकवाद और अलगाववाद पर कसा शिकंजा भी माना जा रहा है, क्योंकि वर्ष 2019 से लेकर 2023 तक आतंकी वारदात आधी हो गई हैं। जानकारी के अनुसार, कश्मीर के गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग और श्रीनगर में करीब 700 होटल हैं।
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कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
इन होटलों में करीब 30 हजार कमरे हैं। मई, जून और जुलाई महीनों के लिए 28 हजार कमरे बुक हो चुके हैं। कश्मीर होटल एसोसिएशन के पूर्व प्रधान जावेद बुर्जा का कहना है कि अब 30 हजार कमरे होटलों के पास हैं। इनमें से 28 हजार के करीब बुक हैं। इसके अलावा डल झील में स्थापित 500 हासउबोट में भी 95 फीसदी बुकिंग हो चुकी है।
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डल झील में शिकारे का आनंद लेते हुए पर्यटक
- फोटो : बासित जरगर
दशकों बाद ऐसी रौनक
घाटी ने तीन दशक तक आतंकवाद का दंश झेला है। कभी 2 हजार हाउसबोट होती थी। झेलम, चिनाब, नगीन में ये हाउसबोट होती थीं, लेकिन पर्यटकों की कमी से धीरे-धीरे ये कम होती गईं। अब डल में ही हाउसबोट हैं। इनमें भी 500 ही चल रही हैं। लेकिन अब फिजा बदली है। दो महीनों तक हाउसबोट में बुकिंग फुल है। पर्यटकों का खासा उत्साह नजर आ रहा है। - मंजूर पख्तून, प्रधान हाउसबोट एसोसिएशन कश्मीर
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श्रीनगर: डल झील में बना फ्लोटिंग वॉटर पार्क
- फोटो : बासित जरगर
दो साल से पर्यटन को मिला बूम
पिछले दो वर्ष से हम पर्यटन में काफी बूम देख रहे हैं। गुलमर्ग, पहलगाम, श्रीनगर और सोनमर्ग में 700 होटल हैं। मई और जून महीने में होटलों में लगभग पैक हो गए हैं। उम्मीद है कि पीक सीजन में पर्यटकों की रिकाॅर्ड संख्या होगी। - मौजम बख्शी, प्रधान होटल एसोसिएशन कश्मीर